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केजरीवाल से नहीं मिलना चाहती ये डॉक्टर

Tue, 17 Mar 2015 03:54 PM IST
Updated Tue, 17 Mar 2015 03:54 PM IST
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Doctors of naturecare dont want to see kejriwal again

अपने 12 दिन के बेंगलूरू प्रवास में केजरीवाल ने अपनी बीमारियों पर काफी हद तक काबू पा लिया है। लेकिन बेंगलूरू के जिंदल नेचरकेयर इंस्टीट्यूट (जेएनआई) में डेटॉक्स थेरेपी की मदद से ठीक हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को इंस्टीट्यूट के अधिकारी दोबारा नहीं देखना चाहते हैं।

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जेएनआई के चेयरमैन केआर रघुनाथ ने सोमवार को केजरीवाल के वहां निकलने से कुछ ही मिनट पहले कहा कि नैचुरोपैथी कोई जादू नहीं है। लेकिन उन्होंने केजरीवाल को कुछ पाठ पढ़ाए हैं और वो नहीं चाहते कि केजरीवाल यहां कभी वापस आएं।
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रघुनाथ ने जो कुछ भी कहा उसका मतलब ये कतई नहीं था कि वह उनसे नाराज हैं बल्कि उन्होंने जो भी कहा वह उसके लिए बहुत ही गंभीर दिखे। उन्होंने बताया कि नैचुरोपैथी जीवन जीने का तरीका है और इसमें दवाईयों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

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वो मरीज नहीं पसंद जो बार-बार आते हैं अस्पताल

Doctors of naturecare dont want to see kejriwal again

उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके मरीज यहां आने की आदत डाल लें। रघुनाथ अपने मरीजों को वो चीजें सिखाते हैं जो स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं अगर वो इसके बारे में जागरूक होंगे तो उनकी बताई बातों का उल्लंघन नहीं करेंगे।

रघुनाथ आगे कहते हैं कि हमारा इंस्टीट्यूट एक अस्पताल है और यहां सब मरीज आते हैं और कोई बात इससे ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास मरीजों की लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है और वो खुद भी उन मरीजों पर ज्यादा ध्यान देते हैं जो ज्यादा गंभीर हों न कि उनपर जो अस्पताल द्वारा बताई गई बातों पर ध्यान नहीं देते और बार-बार यहां के चक्कर लगाते रहते हैं।

बता दें कि केजरीवाल यहां दोबारा आने वाले मरीज हैं। केजरीवाल इससे पहले भी यहां भर्ती हो चुके हैं। केजरीवाल को जमीन से जुड़ा हुआ इंसान बताते हुए रघुनाथ कहते हैं कि हम पहले भी वीआईपी लोगों का ट्रीटमेंट कर चुके हैं लेकिन केजरीवाल के साथ ऐसा कुछ भी नहीं है।

केजरीवाल ने अस्पताल प्रबंधन का किया पूर सपोर्ट

Doctors of naturecare dont want to see kejriwal again

केजरीवाल ने खुद ही अस्पताल परिसर को आश्वस्त किया था कि उनसे मिलने कोई नहीं आएगा जिससे दूसरे मरीजों को परेशानी हो। इसके साथ ही इलाज के दौरान उन्होंने अपने काम से दूरी बनाए रखी और अपने मोबाइल का इस्तेमाल भी वह केवल अपने कमरे में करते थे।

केजरीवाल के स्वास्थ्य के बारे में बोलते हुए रघुनाथ ने बताया कि जो टॉक्सिन सालों साल से उनके शरीर में बने हैं वह जादू से एक हफ्ते में या 12 दिनों में नहीं निकाले जा सकते। उन्होंने बताया कि कुछ भी अच्छे से करने के लिए हमें तीन महीने तो लगते ही हैं।

हालांकि केजरीवाल के केस में हुई प्रोग्रेस को वो काफी उत्साहजनक मानते हैं। उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल योग आसनों की आसान विधियां बताई गई हैं और सही डाइट भी बताई गई है। उन्हें उम्मीद है कि इससे केजरीवाल को फिट रहने में मदद मिलेगी।

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