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यहां डॉक्टरों को नहीं आती दया!

Fri, 27 Dec 2013 11:42 AM IST
अमर उजाला, फरीदाबाद
अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 27 Dec 2013 11:42 AM IST
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Doctors don't care patients in Faridabad

किसी भी सरकारी अस्पताल की स्थिति इससे बुरी क्या होगी कि प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने की जगह लगातार उन्हें दर्द निवारक इंजेक्शन लगाए जा रहे हों।

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फरीदाबाद में ऐसे दो मामले बृहस्पतिवार को सामने आए। दोनों के परिजनों ने इस बारे में पीएमओ से संपर्क किया है।

केस नंबर एक:

बल्लभगढ़ निवासी सुनील ने बताया कि उसकी पत्नी पूनम को 24 दिसंबर को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिस पर वह उसे पहले एम्स बल्लभगढ़ ले गया। लेकिन अस्पताल स्टाफ ने उसे भर्ती नहीं किया।
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इसके बाद वह उसे बीके अस्पताल ले आया। लेकिन यहां भी किसी डॉक्टर ने बृहस्पतिवार तक उसकी पत्नी की जांच नहीं की। दर्द होने पर पीड़ा निवारक इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। जब स्टाफ से डॉक्टर के बारे में पूछा गया तो स्टाफ ने कहा कि छुट्टी है कोई डॉक्टर नहीं आएगा।
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केस नंबर दो:

सेक्टर-तीन निवासी गौतम ने बताया कि 24 दिसंबर दोपहर करीब 2 बजे उसकी पत्नी कविता को दर्द शुरू हो गया था। इसके बाद वह उसे बल्लभगढ़ एम्स अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि बच्चा समय से पहले होगा।

लेकिन डिलीवरी अस्पताल में नहीं हो सकती, जिस कारण उसे बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोपहर 3 बजे यहां आने पर उसकी पत्नी को प्री-नेटल वार्ड में भर्ती कर दिया गया।


लेकिन जब भी उसकी पत्नी को दर्द होता है तो स्टाफ इंजेक्शन लगा देता है। प्रसव के लिए जब स्टाफ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि डिलीवरी कराने वाली डॉक्टर अवकाश पर है। जब वह आएंगी तब जांच होगी।

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