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Delhi: 19 साल की लड़की के पेट से 10.1 किलो का ट्यूमर निकाला, सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों को बड़ी सफलता

Thu, 09 Oct 2025 04:32 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 09 Oct 2025 04:32 PM IST
सार

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों को एक बड़ी सफलता मिली है। डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपरेशन कर 19 वर्षीय लड़की के पेट से 10.1 किलोग्राम का ट्यूमर निकाला। ट्यूमर निकलने के बाद लड़की ठीक है और अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

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Doctors at Safdarjung Hospital removed a 10.1 kg tumor from the stomach of a 19-year-old girl
19 साल की लड़की के पेट ट्यूमर निकाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सफदरजंग अस्पताल की सर्जिकल टीम ने 19 वर्षीय युवती के पेट से 10.1 किलोग्राम रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर निकाला है। सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू और फिर एचडीयू वार्ड में रखा गया, जहां से पूरी तरह ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। इस सर्जरी ने मरीज और उसके परिवार को नई जिदंगी है। मरीज पिछले पांच साल से इस समस्या से जूझ रही थी।

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डॉक्टर के अनुसार, 19 वर्षीय युवती पेट में सूजन की शिकायत के साथ सर्जरी ओपीडी में पहुंची थी। कई अस्पतालों में इलाज के बाद भी कोई समाधान न मिलने पर परिवार ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में पता चला कि 30x20x20 सेमी आकार का ट्यूमर बाएं डायाफ्राम के पास से शुरू होकर पूरे ऊपरी पेट में फैल गया था। यह ट्यूमर प्रमुख रक्त वाहिकाओं से सटा हुआ था और गुर्दे, प्लीहा, पेट, अग्न्याशय और आंतों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को विस्थापित कर रहा था। इसकी संरचना से परिपक्व टेराटोमा होने का संदेह था।

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सर्जरी के दौरान ट्यूमर की जटिलता और इसके महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ाव ने ऑपरेशन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया था। डॉ. शिवानी बी परुथी, डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ. तारिक हमीद और डॉ. सुषमा के नेतृत्व वाली सर्जिकल यूनिट ने इस ट्यूमर को हटाया है।

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इस दौरान बाएं एड्रेनल और प्लीहा की वाहिकाओं को संरक्षित किया गया, जबकि विस्थापित अंगों को उनके सामान्य स्थान पर पुनर्स्थापित किया गया। इसके अलावा डायाफ्राम और बाएं प्लुरा की मरम्मत के साथ-साथ छाती में नाली भी डाली गई। इस सर्जरी में डॉ. निधि अग्रवाल और डॉ. विष्णु पंवार के नेतृत्व वाली एनेस्थीसिया टीम, सीटीवीएस विशेषज्ञ डॉ. विशेष, रेडियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. रेणु यादव, डॉ. कृष्णा भारद्वाज और डॉ. अनुपमा ने अपनी अहम भूमिका निभाई।

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