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कोरोना वायरस : कस्तूरबा अस्पताल की गायनी डॉक्टर भी संक्रमण की चपेट में, संपर्क में रहे 11 होम क्वारंटीन
Wed, 29 Apr 2020 07:34 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 29 Apr 2020 07:34 PM IST
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम के दरियांगज स्थित मैटरनिटी कस्तूरबा अस्पताल में पीजी प्रथम वर्ष की गायनी डॉक्टर भी कोरोना की चपेट में आ गई है। मंगलवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें घर में ही क्वारंटीन कर दिया गया है।
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उत्तरी निगम की प्रेस एवं सूचना निदेशक ईरा सिंघल ने बताया कि गायनी डॉक्टर के संपर्क में रहे सात डॉक्टर व चार नर्स भी क्वारंटीन किए गए हैं, जिनका जल्द टेस्ट कराया जाएगा। हालांकि, क्वारंटीन की समयावधि टेस्ट की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। सिंघल ने बताया कि लक्षण होने के बाद डॉक्टर गत 21 अप्रैल को ही अपने घर चली गई थी। अब उनमें कोई लक्षण नहीं हैं। इसके साथ ही उनके संपर्क में रहे डॉक्टर व नर्स में भी कोई लक्षण नहीं दिखे हैं। मामले की जानकारी के बाद अस्पताल को भी सैनिटाइज किया गया है।
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दूसरी ओर राजन बाबूटीबी अस्पताल को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही राजन बाबू अस्पताल की वार्ड आया को भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। इससे पहले उत्तरी निगम के सबसे बड़े हिंदूराव अस्पताल में भी नर्स को कोरोना हो चुका है।
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चरक पालिका अस्पताल के एनडीएमसी फ्लू कॉर्नर में 355 की जांच
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के मोतीबाग स्थित चरक पालिका अस्पताल में विशेष फ्लू कॉर्नर पर एक पखवाड़े के दौरान 355 मरीजों की जांच की गई है। इनमें इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आइएलआइ) के लक्षण थे, जो कोरोना का संकेतक भी है।
355 मरीजों में से 12 मरीज श्वसन संबंधी व 53 मरीजों में सात दिनों से कम बुखार के लक्षण पाए गए। वहीं, ओपीडी में कुल बाहरी मरीजों की संख्या 2861 रही। गौरतलब है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को बचाने के लिए एक फ्लू कार्नर बनाया गया है। इसमें शीशा लगाकर मरीज व स्वास्थ्यकर्मियों के बीच दूरी बनाई गई है, ताकि कोरोना संक्रमण न फैले।