किसी एक्शन मूवी से कम नहीं था डॉक्टर नागर पर हमला, एक गोली बचने के बाद भी हीरो की तरह किया सामना
70 वर्षीय आर्थो डॉक्टर हंस यू नागर पर जानलेवा हमला व खुद को बचाने की कहानी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है। दक्षिण जिले के पुलिसकर्मी डाक्टर नागर के हौसले की खूब तारीफ कर रहे हैं।
डा. नागर जब अपने फार्म हाउस के गेट नंबर दो पर पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावर उनकी कार के पास आ गए और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवाब में डॉक्टर नागर ने भी कार के अंदर से गोलियां चलाईं।
कुछ देर बाद देखा कि उनकी लाइसेंसी पिस्टल में एक ही गोली रह गई है तो उन्होंने नीचे उतरकर कार की आड़ ले ली और घायलावस्था में पड़े रहे।
उन्होंने पिस्टल में एक गोली इसलिए रखी थी कि अगर बदमाश उन पर दोबारा हमला करेंगे तो वह गोली चलाकर उनका सामना करेंगे। डॉक्टर नागर करीब एक से डेढ़ घंटा कार की आड़ लेकर छिपे रहे।
30 से 35 राउंड गोलियां चलीं
डॉक्टर की गोली लगने से बदमाश भी मौके से भाग गए थे। खास बात ये है कि मौके पर करीब 30 से 35 राउंड गोलियां चलीं। गोलियों की आवाज सिक्योरिटी गार्ड समेत किसी ने नहीं सुनी।
घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद उनकी बेटी मौके पर पहुंची और वह डाक्टर नागर को अस्पताल लेकर गई। बेटी ने ही पुलिस को सूचना दी थी।
डाक्टर नागर का कहना है कि उनकी गोली से एक-दो बदमाश घायल हुए हैं। ऐसे में घायल किसी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हों।
इन आरोपियों का पता लगाने के लिए दक्षिण जिला पुलिस ने सभी जिलों के पुलिस कंट्रोल रूम को मेसेज दे दिया है। दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम समेत हरियाणा व यूपी पुलिस को सूचना दे दी है।
सबको वायरलेस से मेसेज भेजा गया है। पुलिस ने अस्पताल में घायल आरोपियों को ढूंढने का आग्रह किया है। दक्षिण जिला पुलिस की एक दर्जन से ज्यादा टीमें नर्सिंग होम व अस्पताल में आरोपियों को ढूंढ रही है।
डॉक्टर के भाइयों ने खुद को निर्दोष बताया
डा. नागर के भाईयों ने खुद को निर्दोष बताया है। पुलिस ने दोनों भाई व परिवार के अन्य सदस्यों से कई घंटे पूछताछ की। भाईयों का कहना है कि उन्होंने डा. नागर पर हमला नहीं करवाया। हमले के समय वह अपने घर में थे। पुलिस उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है।
पुलिस ने करीब 70 लोगों से पूछताछ की
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुलिस अभी तक करीब 70 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। वारदात के तीसरे दिन भी हमलावरों का सुराग हाथ नहीं लगा है।
पुलिस इलाके डंप डाटा के अलावा कुछ लोगों की मोबाइल डिटेल खंगाल रही है। ये भी बताया जा रहा है कि डा. नागर भी आरोपियों के नाम बदल रहे हैं।