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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   DJB and DUSIB at loggerheads over stopping sewage flow into the Yamuna.

Delhi NCR News: यमुना में सीवेज रोकने पर डीजेबी और डूसिब आमने-सामने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 09:10 PM IST
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एनजीटी में दोनों विभागों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी से बचने का लगाया आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। यमुना नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने के मुद्दे पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के बीच विवाद बढ़ गया है। दोनों विभागों ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाब दाखिल किए हैं। मामला दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों (जेजे क्लस्टर) से निकलने वाले सीवेज के निस्तारण से जुड़ा है।
एनजीटी ने निर्देश दिया था कि झुग्गी बस्तियों से निकलने वाले सीवेज को एकत्र कर दिल्ली जल बोर्ड के सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि गंदा पानी नालों के रास्ते यमुना में न पहुंचे। डीजेबी का कहना है कि वह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को तैयार है, लेकिन इसके लिए डूसिब को पहले सीवेज संग्रहण के लिए उपयुक्त जगह उपलब्ध करानी होगी।
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वहीं, डूसिब ने अपने हलफनामे में कहा है कि सीवर और जल निकासी व्यवस्था की जिम्मेदारी कानून के अनुसार डीजेबी की है। डूसिब के अनुसार उसके पास न तो सीवर व्यवस्था संचालित करने का अधिकार है और न ही इसके लिए अलग बजट। विभाग ने आरोप लगाया कि डीजेबी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए मामला उसके ऊपर डाल रहा है।
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डूसिब ने बताया कि नवंबर 2025 में दोनों विभागों ने आरके पुरम और वसंत विहार की झुग्गी बस्तियों का संयुक्त सर्वे किया था। इसमें पाया गया कि कई बस्तियां मुख्य सड़कों से नीचे या नालों के किनारे बसी हैं, जिससे सीवेज को एक स्थान पर लाना तकनीकी चुनौती है। डूसिब का दावा है कि उसने कई बस्तियों के सीवेज निकासी बिंदुओं की जानकारी डीजेबी को उपलब्ध करा दी है।
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