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बर्निंग बस: यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में आग से शव बने कंकाल, सीटों से चिपकी मिली चमड़ी; खौफनाक था मंजर
Fri, 25 Sep 2026 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 25 Sep 2026 03:40 AM IST
सार
तीन यात्रियों की चमड़ी सीटों से चिपकी मिली जबकि कुछ शव बस की गैलरी में पड़े थे। उनके शरीर के हिस्से फर्श से चिपके हुए थे।
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ग्रेटर नोएडा में बस में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यमुना एक्सप्रेसवे पर दयानतपुर गांव के पास बुधवार रात बस में लगी आग के बाद मौके पर पहुंची बचाव और फोरेंसिक टीम को खौफनाक मंजर दिखा। बस के अंदर कई यात्रियों के शव पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो चुके थे। तीन यात्रियों की चमड़ी सीटों से चिपकी मिली जबकि कुछ शव बस की गैलरी में पड़े थे। उनके शरीर के हिस्से फर्श से चिपके हुए थे।
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आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि यात्रियों के मोबाइल फोन किसी के पैर तो किसी के सीने से चिपके मिले। कई सीटों पर खाने के खुले टिफिन भी पड़े थे। आग बुझाने के बाद बस के पिछले हिस्से को कटर से काटकर शवों के अवशेष बाहर निकाले गए। इस प्रक्रिया में करीब 45 मिनट लगे।
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रेस्क्यू टीम के मुताबिक बस में करीब 35 लोग सवार थे। हादसे में नौ यात्रियों के शव निकाले गए। प्रारंभिक आकलन में बस के एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद केबिन से आग अंदर तक पहुंची। सीटों, प्लास्टिक, सीट कवर, पर्दों और फाइबर सामग्री ने आग को तेजी से फैलाने में मदद की होगी। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद होगी। आग लगने के दौरान ज्यादातर यात्री स्लीपर केबिन में सो रहे थे। कुछ लोग गैलरी में फंस गए, जबकि कुछ सीटों पर ही रह गए। आग फैलने के साथ बस में धुआं भर गया।
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इससे जहरीली गैसों के कारण दम घुटने की आशंका है। जो यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए, उनकी जान बच गई, जबकि अन्य अंदर फंस गए। घटनास्थल से करीब 300 मीटर पहले पुलिस पेट्रोलिंग वाहन खड़ा था। पुलिसकर्मी करीब 10 मिनट में बस के पास पहुंच गए। आग बढ़ती देख सिपाहियों ने जेवर थाने को सूचना दी। थाना प्रभारी ने दमकल विभाग को फोन किया और पुलिस टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए।
जले हुए शवों की डीएनए जांच से होगी शिनाख्त
बस में आग लगने के बाद जले शवों की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। हादसे में कई शव 90 फीसदी से अधिक जल चुके हैं। उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। यात्रियों के पास मौजूद पहचान संबंधी दस्तावेज भी नष्ट हो जाने से छह शवों की पहचान नहीं हो पाई है। अब पुलिस की ओर से शवों की शिनाख्त कराने के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी। बस संचालक से आरक्षण का पूरा रिकॉर्ड भी लिया जा रहा है। मृतकों के पास मिले मोबाइल फोन, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी पहचान में मदद ली जा रही हैं। इसी तरह कपड़े, जूते, आभूषण, घड़ी और अन्य व्यक्तिगत सामान के आधार पर परिजन पहचान कराई जा रही है।
हादसे की सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर चालक और परिचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- रवि शंकर निम, डीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन
मां-बेटे समेत छह की शिनाख्त
- श्रुति रावत (31) निवासी छतरपुर मध्यप्रदेश
- सरोज गुप्ता (52) मुगलपुरिया बाजार राठ हमीरपुर उत्तरप्रदेश
- मयंक गुप्ता (28) मुगलपुरिया बाजार राठ हमीरपुर उत्तरप्रदेश
- देवेंद्र सहाय भारद्वाज (60) निवासी ग्राम चंद्र नगर सदर हिसार हरियाणा
- हर शरण गुप्ता (55) निवासी बालाजी पैलेस, राजेंद्र नगर,थाना उरई जनपद जालौन
- ऊषा देवी (65) निवासी मेन रोड मुसकुरा जनपद हमीरपुर