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Delhi NCR News: राष्ट्रमंडल खेल गांव में बारातघर के खिलाफ याचिका का निपटारा
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याचिका में किया था दावा, बारातघर का निर्माण पर्यावरणीय मंजूरी के बिना किया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रमंडल खेल गांव के निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए) द्वारा दायर एक याचिका का निपटारा कर दिया है। उसमें दावा किया गया था कि खेल परिसर के अंदर एक बारातघर का निर्माण पर्यावरणीय मंजूरी के बिना किया जा रहा है। हालांकि, अधिकरण ने पाया कि उल्लंघन का कोई सबूत पेश नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की अध्यक्षता वाली पीठ ने अहम टिप्पणी की।
अदालत ने पाया कि आवेदक यह बताने में विफल रहा कि परियोजना ने पर्यावरणीय मानदंडों का उल्लंघन कैसे किया या अधिनियम के तहत निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन कैसे किया। अप्रैल 2025 में आरडब्ल्यूए द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना 2006 के तहत अनिवार्य पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त किए बिना ही सामुदायिक भवन का काम शुरू कर दिया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रमंडल खेल गांव के निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए) द्वारा दायर एक याचिका का निपटारा कर दिया है। उसमें दावा किया गया था कि खेल परिसर के अंदर एक बारातघर का निर्माण पर्यावरणीय मंजूरी के बिना किया जा रहा है। हालांकि, अधिकरण ने पाया कि उल्लंघन का कोई सबूत पेश नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की अध्यक्षता वाली पीठ ने अहम टिप्पणी की।
अदालत ने पाया कि आवेदक यह बताने में विफल रहा कि परियोजना ने पर्यावरणीय मानदंडों का उल्लंघन कैसे किया या अधिनियम के तहत निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन कैसे किया। अप्रैल 2025 में आरडब्ल्यूए द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना 2006 के तहत अनिवार्य पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त किए बिना ही सामुदायिक भवन का काम शुरू कर दिया था।
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