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कोड ऑफ कंडक्ट को लेकर निदेशालय गंभीर, स्कूल में दुर्व्यवहार करना छात्रों को पड़ेगा भारी

Sat, 15 Sep 2018 11:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 15 Sep 2018 11:44 PM IST
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Directorate of Education taken serious view of Code of Conduct for school children in delhi
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राजधानी में सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को दुर्व्यवहार या दुराचार करना भारी पड़ सकता है। स्कूली बच्चों के लिए तैयार कोड ऑफ कंडक्ट को लेकर शिक्षा निदेशालय ने गंभीर रुख अपनाया है।

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निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को स्पष्ट किया है कि छात्र कोड ऑफ कंडक्ट का सख्ती से पालन करें। निर्देशों के उल्लंघन पर ना केवल छात्रों का निष्कासन या निलंबन होगा, बल्कि स्कूल प्रमुख के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
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शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2014 में बच्चों के लिए कोड ऑफ कंडक्ट तैयार किया था।   निदेशालय को जानकारी मिली है कि स्कूलों में इसका पालन नहीं हो रहा है। लिहाजा, स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि यदि छात्र कोड ऑफ कंडक्ट के दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हैं तो दुराचार व कदाचार की गंभीरता को देखते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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छात्रों के लिए आचार संहिता की खास बातें 

जिसमें एक निश्चित अवधि के लिए कक्षा-स्कूल से निलंबन से लेकर कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों का स्कूल से निष्कासन तक किया जा सकता है। स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह इस आचार संहिता को बच्चों की स्कूल की डायरी में शामिल करें और यह सुनिश्चित करें कि अभिभावक इस पर हस्ताक्षर करें। 
 
कक्षा से बिना अध्यापक व प्रिंसिपल की अनुमति के अनुपस्थित नहीं रह सकते। अध्यापकों या स्कूल के अन्य किसी कर्मचारी से दुर्व्यवहार नहीं कर सकते। अशिष्ट व्यवहार का प्रदर्शन, शोर-शराबा, हुल्लड़बाजी या किसी प्रकार की बदमाशी नहीं करेंगे। छात्राओं से छेड़छाड़ नहीं कर सकते। स्कूल में धूम्रपान, पान खाना, गुटखा या खैनी नहीं चबा सकते हैं।

कक्षा में जानबूझकर अशांति पैदा नहीं कर सकते। स्कूल के अंदर अनधिकृत वस्तुओं या व्यक्तियों को नहीं ला सकते। स्कूल की संपत्ति को नुकसान नहीं कर सकते। हिंसक प्रवृति का प्रदर्शन या हिंसा करना या हड़ताल या पठन-पाठन को बाधित नहीं कर सकते हैं।

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