Delhi: हाथी ले रहे गन्ने के रस का आनंद, भालू दूध में भिगोकर खा रहे ब्रेड; चिड़ियाघर के वन्यजीवों की बदली डाइट
सर्दी के मौसम में वन्यजीवों का खानपान बदला है। इस मौसम में वन्यजीव गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन करने लगे हैं। ऐसे में मांसाहारी वन्यजीवों के खाने में मांस की मात्रा बढ़ा दी गई है। जहां हाथी गन्ने के रस का आनंद ले रहे हैं, वहीं भालू दूध में ब्रेड भिगोकर खा रहे हैं।
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सर्दी की सुगबुगाहट के साथ ही चिड़ियाघर के वन्यजीवों को बचाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। सर्दी को देखते हुए वन्यजीवों के खाने की डाइट बदल दी गई है। शाकाहारी वन्यजीवों के खाने में शहद, गुड़, आंवला, गन्ना व ब्रैड-दूध समेत कई चीजों को शामिल किया गया है। इसी तरह मांसाहारी वन्यजीवों के खाने में मांस की मात्रा बढ़ा दी गई है। जहां हाथी गन्ने के रस का आनंद ले रहे हैं, वहीं भालू दूध में ब्रेड भिगोकर खा रहे हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि इसी माह की शुरुआत में वन्यजीवों की डाइट बदली गई है। सर्दी जैसे-जैसे और बढ़ेगी, वैसे ही जीवों के खाने में शहद व अंडे की मात्रा बढ़ाई जाएगी।
प्रतिदिन 12 किलो मांस दिया जा रहा
सर्दी के मौसम में वन्यजीवों का खानपान बदला है। इस मौसम में वन्यजीव गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन करने लगे हैं। ऐसे में मांसाहारी वन्यजीवों के खाने में मांस की मात्रा बढ़ा दी गई है, जिसमें बिग कैट फैमली के प्रजाति में शेर, बाघ, जगुआर व तेंदुआ समेत कई जानवरों को प्रतिदिन 12 किलोग्राम मांस खाने में दिया जा रहा है। गर्मी के दिनों में मांस की मात्रा घटाकर 8 से 10 किलोग्राम कर दी जाती है। सप्ताह में एक दिन वह उपवास भी करते हैं। जू कीपर का कहना है कि शेर और बाघ के खानपान का भी काफी ध्यान रखना पड़ता है।
शहद व अंडे रखेंगे जानवरों का शरीर गर्म
चिड़ियाघर में बंदर, हिरण, मगरमच्छ, घड़ियाल, पक्षी, गैंडा और कई जीवों को ठंड से बचाने के लिए अलग-अलग इंतजाम किए गए हैं। इस मौसम में भालू को शहद की जरूरत सबसे ज्यादा रहती है, जो उनके शरीर को अंदर से गर्म रखता है। पक्षियों को बाजरा, ककून और धान दिया जाता है। इसी तरह शाकाहारी व अन्य वन्यजीवों को शहद, गुड़, अलसी के बीज व अंडे दिए जाएंगे। बंदरों के खाने में फल की मात्रा बढ़ा दी गई है।
बाड़ों में लगाए जाएंगे हीटर
सर्दी जैसे-जैसे बढ़ेगी, वैसे ही जानवरों के बाड़ों को गर्म रखने के लिए पुआल और घास का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें जानवर अपने शरीर को गर्म रख सकते हैं। इसके साथ ही अधिक सर्दी पड़ने पर बाड़ों में तख्त व हीटर की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों ने मुताबिक, इस बार 200 से अधिक हीटरों की व्यवस्था होगी।
176 एकड़ में फैला है चिड़ियाघर
दिल्ली चिड़ियाघर देश के सबसे विशाल प्राणी उद्यानों में से एक है। यह 176 एकड़ में फैला हुआ है। यह लगभग 94 प्रजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 1200 वन्य जानवरों का घर है। यह केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों का भी हिस्सा है।
वन्यजीवों की डाइट में बदलाव किया गया है। कुछ जानवरों की डाइट बढ़ा दी गई है। कुछ जानवरों की डाइट आने वाले दिनों में बदल दी जाएगी। सर्दी में इन्हें ठंड से बचाना जरूरी है। -आकांक्षा महाजन, निदेशक, चिड़ियाघर