डीजल वाहन पंजीकरण: अवकाश पीठ के सामने तथ्यों को छिपाने पर एनडीएमसी पर 50 हजार जुर्माना
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में नाले की सफाई के लिए डीजल वाहनों के पंजीकरण के मामले में तथ्यों को छिपाने को लेकर उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) को जमकर फटकार लगाई।
शीर्ष अदालत ने नाराज होकर कहा कि क्या आप हमें बदनाम करना चाहते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर एनडीएमसी पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। एनडीएमसी पर डीजल वाहन पंजीकरण से संबंधित आदेश प्राप्त करने के लिए अवकाश पीठ के समक्ष तथ्यों को छिपाने को लेकर जुर्माना लगाया गया है।
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना हमारी इजाजत आपने कैसे किसी दूसरी पीठ से इस प्रकार का आदेश ले सकते हैं, जबकि मामले की सुनवाई हम कर रहे हैं।
अवकाश पीठ के आदेश को वापस लिया
पीठ ने 16 मई को अवकाश पीठ द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश को वापस भी ले लिया। आदेश में दिल्ली के परिवहन विभाग को नगर निगम ठोस कचरा नियम (म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट रूल्स) लागू करने के लिए गाद निकालने और नालों व पुलों की सफाई करने के मकसद से छह डीजल चालित जेटिंग मशीनों के पंजीकरण का निर्देश दिया गया था।
तब एनडीएमसी ने अवकाश पीठ को यह नहीं बताया कि सुप्रीम कोर्ट की नियमित पीठ ने सात मई को इस मामले पर प्रदूषण के मामले के साथ जुलाई में सुनवाई करने का आदेश दिया था।
सोमवार को पीठ को जब बताया गया कि 16 मई को अवकाश पीठ ने एनडीएमसी के पक्ष में अंतरिम आदेश पारित किया है तो पीठ ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए निगम को इस तरह का कार्य बंद करने को कहा। पीठ ने कहा कि हम पर हावी होने की कोशिश मत करें। इस मामले में गंभीर अनियमितताएं हैं।
कोर्ट में यह क्या चल रहा है?
पीठ ने एनडीएमसी के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं। पीठ ने 16 मई को अवकाश पीठ के समक्ष मामले को लाने पर कहा कि आखिर यह कोर्ट में चल क्या रहा है? पीठ ने कहा कि एनडीएमसी के वकील ने नियमित पीठ द्वारा राहत देने से इनकार करने के बारे में अवकाश पीठ को नहीं बताया।
जब इस मामले में कोई नया आवेदन नहीं दाखिल किया गया तो तो इसे अवकाश पीठ के समक्ष कैसे रखा गया? एनडीएमसी से काफी खफा पीठ ने शुरुआत में कहा कि एनडीएमसी पर पांच लाख का जुर्माना ठोकेगा, मगर उसके वकील ने जब जुर्माने की रकम कम करने की अपील की तो पीठ ने इसे घटाकर 50 हजार रुपए कर दिया।