अब वायु होगी शुद्ध!: एक अक्तूबर से दिल्ली-NCR में डीजल जनरेटरों पर लग जाएगा बैन, जानें क्या होगा इसका विकल्प
Diesel Generator Ban in Delhi NCR: राज्यों को भेजी गई एडवाइजरी में कहा गया है कि एक अक्टूबर से दिल्ली समेत हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के एनसीआर में आने वाले शहर और इलाकों यह प्रतिबंध लागू होगा।
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दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक अक्तूबर से डीजल से चलने वाले जनरेटरों का इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के मकसद से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (क्यूसीएम) ने यह फैसला लिया है। आवश्यक सेवाओं को डीजी सेट (डीजल जनरेटर) से चलाने की मिली छूट भी समाप्त कर दी गई है। 30 सितंबर के बाद से श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-ग्रैप) के दौरान भी ऐसी सेवाओं को मिलने वाली छूट वापस ले ली गई है।
सीक्यूएम ने अब तक आवश्यक सेवाओं के तहत मानकों के अनुसार डीजी सेट प्रतिबंधित आधार पर चलाने की अनुमति थी, किंतु इस संदर्भ में बुधवार को जारी परामर्श में इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। सीक्यूएम ने कहा है कि 30 सितंबर तक सभी हितधारकों को अपने डीजल जनरेटर को बदलना होगा, या फिर उनमें बदलाव करके मान्यता प्राप्त गैस किट लगानी होगी। ताकि इससे होने वाले वायु प्रदूषण पर लगाम लग सके।
ग्रैप में भी नहीं मिलेगी रियायत
राज्यों को भेजी गई एडवाइजरी में कहा गया है कि एक अक्टूबर से दिल्ली समेत हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के एनसीआर में आने वाले शहर और इलाकों यह प्रतिबंध लागू होगा। पहले वायु प्रदूषण की खतरनाक स्थितियों के बावजूद (वायु प्रदूषण की स्थिति संवेदनशील होने पर ग्रेप लागू होता है, इसमें विभिन्न प्रतिबंधों के माध्यम से वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जाता है) अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, रेल, मेट्रो, चिकित्सा सेवाओं, जीवन रक्षक उत्पाद से जुड़ी इकाइयों, नर्सिंग होम, स्वास्थ सेवाओं, घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ी सुविधाएं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना, टेलीकॉम, डेटा सेवाएं और आईटी से जुड़ी योजनाओं को डीजी सेट के प्रयोग की अनुमति थी। अब यह भी समाप्त कर दी गई है।
बाजार में गैस किट उपलब्ध
सीक्यूएम ने कहा है कि उसके संज्ञान में आया है कि अब डीजी सेट को आसानी से गैस सेट में बदला जा सकता है। इसके लिए मान्यता प्राप्त किट बाजार में उपलब्ध हैं। ऐसे में आयोग का मानना है कि जुलाई से अगस्त के बीच आसानी के साथ संबंधित पक्ष जनरेटर बदल सकते हैं या उन्हें गैस चालित बना सकते हैं।
रिहायशी इमारकों में भी नहीं चलेंगे डीजी सेट
इसमें यह भी कहा गया है कि बड़े रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक इलाकों में केवल गैस से चलने वाले जेनरेटर और सयंत्र ही चलेंगे, जहां गैस लाइन नहीं है। वहां कैस्केड्स और सिलेंडर के माध्यम से गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के सदस्य और संयुक्त सचिव अरविंद कुमार नौटियाल ने कहा है कि वायु गुणवत्ता आयोग की प्राथमिकता दिल्ली समेत समूचे एनसीआर के लोगों को साफ हवा दिलाने की है। इसके लिए जरूर है कि सख्त कदम उठाए जाए, इसलिए अनिवार्य सेवाओं को भी वायु प्रदूषण को कम करने में सहभागिता का निर्वाह करने के लिए डीजी सेट के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है।