गाजियाबाद में चमका 'ध्रुव': 12वीं में जिले में किया टॉप, प्रदेश में रहा 8वां स्थान; डॉक्टर बनने की है इच्छा
ध्रुव चौहान के पिता विकास चौहान घर पर कोचिंग पढ़ाने का काम करते हैं। मां संतोष चौहान गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर माता-पिता गदगद हैं।
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यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्तर प्रदेश में आठवां और जिले में पहला स्थान हासिल करने वाले ध्रुव चौहान दिल के डॉक्टर बनना चाहते हैं। उनका कहना है कि आज की भाग दौड़ मैं लोगों में तनाव बढ़ रहा है, जिससे हार्ट की समस्या बन रही है। उनका सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है।
गाजियाबाद के विजयनगर शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाले ध्रुव चौहान के पिता विकास चौहान घर पर कोचिंग पढ़ाने का काम करते हैं। मां संतोष चौहान गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर माता-पिता गदगद हैं। ध्रुव के बड़े भाई रोहन चौहान एबीएस कॉलेज से बीटेक के छात्र हैं।
अमर उजाला से बातचीत में ध्रुव में बताया कि किस तरह उन्होंने यह सफलता हासिल की है। बताया कि वह प्रतिदिन 6 से 7 घंटे पढ़ाई करते थे। सभी सब्जेक्टों को रोजाना पढ़ने के बाद रिवाइज करते थे। लक्ष्य के साथ पढ़ाई करने पर सफलता जरूर मिलती है। घर पर ही पढ़ाई कर सफलता हासिल की। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहे। ध्रुव का कहना है कि वह जो भी पढ़ते हैं उसे लिखकर याद करते हैं। ऐसा करने से लिखने और पढ़ने की क्षमता में तेजी से सुधार होता है। उन्हें 96.4 फीसदी अंक मिले हैं।
जानें ध्रुव को किस विषय में मिले कितने अंक
विषय, अंक
भौतिक विज्ञान, 97
रसायन विज्ञान, 96
जीव विज्ञान, 97
हिंदी, 96
अंग्रेजी, 96