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जेल में अंदरखाने IPS अधिकारियों के लिए हो रही किलेबंदी

Thu, 01 Oct 2015 06:47 PM IST
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 01 Oct 2015 06:47 PM IST
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Despite the growing controversy in silence IPS officers in jail.

जेल में रहकर अपराधिक वारदात की साजिशें तो आपने बहुत सुनी होगी पर दो आईपीएस अधिकारियों के विवाद में जेल के भीतर से हो रही किलेबंदी की कहानी यहां पहली बार सामने आई है।

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जेल में बंद इंस्पेक्टर व एएसआई इन दिन कमिश्नर के सताए हुए लोगों की गोलबंदी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दूसरी ओर जेल के बाहर निलंबित आईपीएस विनोद कौशिक मोर्चा संभाल रहे हैं।
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पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क के खिलाफ संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा ने मोर्चा खोल रखा है। पुलिस आयुक्त ने भारती अरोड़ा के खिलाफ मनोज नामक एक युवक को खड़ा किया।

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विर्क सताए लोग कर रहे खेमेबाजी

Despite the growing controversy in silence IPS officers in jail.

जिसने आरोप लगाया कि उसके साथ 17 लाख की ठगी करने वाले आरोपी को सिर्फ तीन घंटे में अरोड़ा ने छुड़ा दिया था। सूत्रों के अनुसार दूसरे खेमे में विर्क के खिलाफ और अरोड़ा के समर्थन में जेल में बंद इंस्पेक्टर डॉ. सुनील और एसआई राज सिंह की ओर से मदद की जा रही है।

दोनों अपने को पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क का सताया हुआ मानते हैं। उनके पास उनसे पीड़तों की एक लिस्ट है। इतना ही नहीं हाल में एक मुकदमे में जेल पहुंचे दो लड़कों को डॉ. सुनील ने अपने बैरक में रखने के साथ समय आने पर बाहर किसी भी तरह की मदद का वादा किया।

बताते हैं कि भारती अरोड़ा लंबे समय से यहां पर तैनात रही हैं जिसके चलते इंस्पेक्टर सुनील व एएसआई राज सिंह को जानती हैं। विभाग का एक धड़ा उनके समर्थन में है।

सीएम ले सकते हैं बड़ा फैसला

Despite the growing controversy in silence IPS officers in jail.

पुलिस महानिदेशक की घुड़की के बाद दोनों मौन
दो आईपीएस अधिकारियों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने फरमान जारी किया कि कोई भी अधिकारी मीडिया से बात नहीं करेगा। जिसके चलते बृहस्पतिवार से दोनों ने कुछ बोलने या उनसे मिलने से परहेज किया।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल पीडब्ल्यूडी की ओर से बनने वाले रेस्ट हाउस का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल के हिसाब से दोनों अधिकारियों को वहां पर होना चाहिए। इसके चलते माना जा रहा है कि इस विवाद का कोई न कोई नतीजा शुक्रवार की दोपहर तक निकाला जा चुका होगा।

संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा की प्रेस कांफ्रेंस के बाद डीजीपी वाईपी सिंघल का बयान आया था कि भारती का प्रेस में जाना गलत है। दोनो अधिकारी प्रेस के सामने आए थे।

नवदीप सिंह विर्क ने बुधवार को प्रेस से बात नहीं की। भारती बुधवार को प्रेस से बात करती रहीं। इस छीछालेदर को लेकर पुलिस महानिदेशक के सख्त आदेश आए हैं। जिसके बाद बृहस्पतिवार को दोनों मौन साधना में आ गए हैं।

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