{"_id":"6342481bdb51fcf28579af8d8f36db40","slug":"desi-cow-will-have-biometric-number-to-indentify-in-faridabad-hindi-news-pt","type":"story","status":"publish","title_hn":"बायोमीट्रिक नंबर से होगी गाय की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बायोमीट्रिक नंबर से होगी गाय की पहचान
भोला पाण्डेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 18 Feb 2016 05:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देसी गायों को संरक्षण देने के लिए राज्य पशुपालन विभाग ने एक डाटाबेस तैयार कर उन्हें बायोमीट्रिक नंबर देने और हेल्थ कार्ड बनाने की योजना बनाई है।
विज्ञापन
इसको नस्ल सुधार के तहत अमलीजामा पहनाया जाएगा। साथ ही छह किलो और उससे अधिक दूध देने वाली गाय के मालिकों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। विभागीय कर्मचारी पशुपालकों के घर जाकर टीकाकरण भी करेंगे। यह अभियान पल्स पोलियो अभियान के तहत ही चलाया जाएगा।
विज्ञापन
ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने पिछले दिनों विधानसभा में गौसंरक्षण कानून पारित किया था, जिसमें गायों के संरक्षण की बात कही गई थी। पशुपालन विभाग इस ओर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विभाग के मुताबिक, गौसंरक्षण के क्रम में देसी गायों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हर जिले में दुधारू गायों और अन्य पशुओं का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। उनमें जितनी देसी गाय हैं, उन्हें अब बायोमीट्रिक नंबर दिए जाएंगे और उनका हेल्थकार्ड बनाया जाएगा।
विभाग की मानें तो फरीदाबाद और पलवल जिले में दुधारू पशुओं की संख्या करीब तीन लाख 70 हजार है। अकेले फरीदाबाद के ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों ने एक लाख 70 हजार गाय-भैंस पाली है।
हेल्थ कार्ड से होगी देसी गायों की जांच
विभाग के मुताबिक पशुपालकों की देसी गायों का एक हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। हर छह महीने में अभियान चलाकर उनके ब्लड सैंपल लिए जाएंगे ताकि जांच कर यह पता लगाया जा सके कि पहले लगाए गए टीके का कितना असर है। इससे अनेक प्रकार की बीमारियों का पता चलेगा और समय रहते उसका इलाज संभव होगा। यह अभियान पल्स पोलियो अभियान के तहत घर-घर जाकर किया जाएगा।
पशुपालकों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, देसी गाय पालने वाले किसानों को निर्धारित मात्रा और उससे अधिक दूध देने पर उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। छह किलो और उससे अधिक दूध देने वाली गाय के मालिक को 10 से 20 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में हरियाणा और साहीवाल दो प्रकार की नस्ल पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। नस्ल सुधार के लिए उच्च क्वालिटी के हरियाणा सांडों के सीमन मंगवाए जा रहे हैं। जिस सांड के सीमन से अधिक दूध निकलेगा उसके बछड़ों को बूल्स सेंटर में रखने की व्यवस्था की जाएगी ताकि उससे प्रजनन क्षमता बढ़ाई जा सके।