'भारत माता की जय के नारे लगाने से इंकार करना राष्ट्रद्रोह नहीं है'
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'भारत माता की जय' के नारे को लेकर पिछले कई दिनों से पूरे देश में हंगामा बरपा हुआ है। किसी का कहना है कि भारत में रहना है तो ये नारा लगाना ही पड़ेगा तो कोई इसे लगाने को तैयार नहीं है।
इसी विवाद के बीच कि दिल्ली के एलजी नजीब जंग ने ये कहा है कि मुझे भारत माता की जय का नारा लगाने में कोई परेशानी नहीं है और ये भी कहा कि भगवान की पूजा और देश की पूजा में अंतर है।
नजीब जंग ने इस पूरा विवाद को मैन्यूफैक्चर्ड बताया है। एक अंग्रेजी मैगजीन को दिए अपने इंटरव्यू में नजीब जंग ने कहा मुझे ये नारा लगाने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन किसी पर दबाव डालकर ये नारा नहीं बुलवाया जा सकता।
नजीब जंग ने बताया कि हर रोज सुबह उठकर अपनी मां के पांव छूते हैं तो क्या ये उसकी पूजा करना हुआ? उन्हें लगता है कि इस विवाद में लोग शब्दों को गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं।
वो कहते हैं कि उनके लिए प्रार्थना करने के कई मतलब हैं और इस तरह भारत माता की जय एक अलग तरह की वंदना है और भगवान की पूजा अलग है। जंग कहते हैं कि वो किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करते। ना ही वो यहां किसी धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं क्योंकि यह एक जबरन पैदा किया गया विवाद है।
एलजी जंग तो यहां तक कहते हैं कि भारतीयों के पास यह अधिकार है कि वो भारत माता की जय कहने से मना कर सकें और इस इंकार को राष्ट्रद्रोह भी नहीं माना जाएगा। वो कहते हैं कि उनकी समझ से लोगों को अपने देश की निंदा नहीं करनी चाहिए। राष्ट्र निर्माण देश के युवाओं के निर्माण का ही एक हिस्सा है।