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डेंगू से बच्चे की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:02 AM IST
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बच्चे की मौत
- फोटो : demo pics
सेक्टर-23 स्थित कोलंबिया एशिया अस्पताल में शनिवार सुबह डेंगू से एक बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि करीब आठ घंटे के इलाज के एवज में अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये का बिल तैयार किया और भुगतान नहीं होने पर शव देने से मना कर दिया।
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गुस्साए परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। उधर, मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। विधायक उमेश अग्रवाल और सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई के हस्तक्षेप के बाद बच्चे का शव परिजनों को सौंपा गया।
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पुलिस के अनुसार गुड़गांव गांव के रहने वाले बीपीएल परिवार के संजय के (13) बेटे तुषार की तबीयत शुक्रवार रात बिगड़ गई। तुषार नौवीं कक्षा में पढ़ता था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे कोलंबिया एशिया अस्पताल में ले गए।
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रात लगभग 10 बजे तुषार को भर्ती किया गया। परिजनों का आरोप है कि 8 घंटे के इलाज का अस्पताल प्रबंधन ने डेढ़ लाख का बिल बना दिया और उन्हें बताया गया कि तुषार को डेंगू था, जिसकी वजह से उसे 12 बोतल प्लेटलेट चढ़ाया गया है।
जबकि 08 घंटो में इतनी बोतल प्लेटलेट चढ़ाना मुमकिन ही नहीं है। बिल नहीं देने पर शव देने से इंकार कर दिया। मृतक के दादा बृजकिशोर शर्मा का आरोप है कि रात में डॉक्टर भी उसे अच्छा बता रहे थे।
डॉक्टर 20 यूनिट पानी और 12 यूनिट खून चढ़ाने की बात कर रहे हैं। आखिर सुबह छह बजे जब मृत्यु हो गई तो इतना पानी व खून कैसे चढ़ गया। केवल बिल बनाने के लिए अस्पताल ने ऐसा किया।
उधर, बच्चे का शव नहीं दिए जाने पर परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और किसी तरह जाम खुलवाया। विधायक उमेश अग्रवाल और सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई के हस्तक्षेप के बाद बच्चे का शव परिजन को सौंपा गया।
जांच के लिए कमेटी गठित
मामले पर संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन ने इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें एक डिप्टी सिविल सर्जन, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक फिजिशियन और एक पैथोलॉजिस्ट को शामिल किया है।
कमेटी 15 दिनों में पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्नोई का कहना है कि यदि अस्पताल की लापरवाही या बिल की गड़बड़ी सामने आई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।