{"_id":"5858e1c44f1c1b1e64e39b05","slug":"demonetisation-side-effect-man-distress-of-loan-commits-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी साइडइफेक्टः कर्जे से परेशान कारोबारी ने फांसी लगाकर दी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नोटबंदी साइडइफेक्टः कर्जे से परेशान कारोबारी ने फांसी लगाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Dec 2016 01:17 PM IST
विज्ञापन
suicide
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के सीलमपुर इलाके में कारोबारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। कारोबारी की शिनाख्त उमर खान (36) के रूप में हुई है। पुलिस को उसके पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
विज्ञापन
अलबत्ता फांसी लगाने से पूर्व उमर ने अपने भाई के व्हाट्सऐप पर मैसेज कर कर्जे से परेशानी और परिवार का ख्याल रखने के लिए कहा था। इधर परिवार का आरोप है कि नोटबंदी के कारण उमर का धंधा काफी कम हो गया था। जिसकी वजह से वह परेशान था। इस कारण उसने मौत को गले लगाया।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक उमर परिवार के साथ ई-17, जाफराबाद इलाके में रहता था। इसके परिवार में पत्नी तरन्नुम खान व तीन बच्चे हैं। उमर का एल्युमिनियम का कारोबार था। रविवार रात को उसने अपने कमरे में पंखे के सहारे फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
विज्ञापन
सोमवार सुबह परिजनों ने उसे फंदे से लटके हुए देखा। इधर परिजनों ने जब उमर का मोबाइल चेक किया तो पता चला कि उसने फांसी लगाने से पूर्व अपने भाई छोटे के व्हाट्सऐप पर एक मैसेज भेजा था।
जिसमें उसने कर्जे से परेशान होकर कदम उठाने और परिवार का ख्याल रखने का जिक्र किया था। छोटू का आरोप है कि नोटबंदी के कारण उसके भाई का काम ठप हो गया था। वह पार्टियों का पेमेंट नहीं कर पा रहा था। लोग उसे रुपयों के लिए परेशान कर रहे थे। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।