होटल के रास्ते के लिए ढहाए गरीबों के आशियाने
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गुड़गांव-महरौली मार्ग पर सिकंदरपुर घोसी गांव क्षेत्र में बने फाइव स्टार होटल पुलमैन (अब लॉ-मेरिडियन) को रास्ता देने के लिए सात निर्धन परिवारों के मकान तोड़ने का मामला सोमवार को विधानसभा में गूंजा।
गुड़गांव के विधायक उमेश अग्रवाल के उठाए गए सवाल पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पूरे मामले की विजिलेंस जांच कराने का सदन में ऐलान कर दिया। इस मामले में नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त डॉ. प्रवीण कुमार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
विधायक अग्रवाल ने सदन में पूछा कि उन सात गरीबों के मकान क्यों तोड़े गए, अवैध रूप से पक्की सड़क क्यों और किसके आदेश पर बनाई गई। उन्होंने इसकी विजिलेंस जांच कराने और अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
छह बीपीएल परिवारों के मकान गिराकर दिया था रास्ता
कैबिनेट मंत्री विज ने कहा कि इस मामले में उन्हें भी अनियमितता नजर आ रही है। इसके बाद सदन ने मामले की विजिलेंस जांच कराने का प्रस्ताव पारित कर दिया। विज ने कहा कि गुड़गांव में प्रॉपर्टी संबंधी और भी घपले हो सकते हैं।
अग्रवाल को जनहित में ऐसे सभी मामलों को विधानसभा में रखना चाहिए ताकि इनकी जांच कराई जा सके। अग्रवाल ने विधानसभा में एक सवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री से जानना चाहा था कि वर्ष 2012-13 में प्रशासन ने गरीबी रेखा के नीचे रह रहे सात लोगों के इंदिरा आवास योजना के तहत बने मकानों को खतरनाक करार देकर कैसे तोड़ दिया गया।
तत्कालीन निगमायुक्त प्रवीण कुमार ने इन मकानों की जांच कर इन्हें खतरनाक करार देकर तोड़ने के आदेश दे दिए। उसी दिन मकानों को गिरा दिया गया और फाइव स्टार होटल के लिए रास्ता दे दिया गया। विधायक ने आरोप लगाया कि सीएलयू में होटल केलिए रास्ता था ही नहीं।