फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Demand for VOC monitoring system to tackle air pollution

Delhi NCR News: वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वीओसी निगरानी तंत्र की मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 10:16 PM IST
विज्ञापन
- डीटीयू में अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस के मौके पर जुटे पर्यावरण वैज्ञानिक
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस पर मंगलवार को दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में पर्यावरण वैज्ञानिक और नीति विशेषज्ञ जुटे। इसमें वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (वीओसी) की व्यापक निगरानी की तत्काल आवश्यकता, ओजोन परत और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मजबूत जलवायु कार्रवाई पर जोर दिया गया। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उन्नत वीओसी निगरानी तंत्र की मांग की गई।

इस कार्यक्रम का विषय विज्ञान से वैश्विक कार्रवाई था। इसका आयोजन पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अपर निदेशक डॉ. एसके त्यागी ने भारत के प्रमुख नगरीय केंद्रों में एक समर्पित वीओसी निगरानी तंत्र स्थापित करने के लिए ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत 2019-2025 की अवधि में 11,211 करोड़ आवंटित होने के बावजूद केवल 68 फीसदी का ही प्रभावी उपयोग हुआ। क्षमता निर्माण और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण घटकों को मात्र चार फीसदी आवंटन प्राप्त हुआ है, जिसे तत्काल बढ़ाना आवश्यक है।
विज्ञापन


भारतीय नगरों में भूतल ओजोन प्रदूषण के चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली में 2024 में 75 दिन घंटे भर के ओजोन मानदंड का उल्लंघन दर्ज किया गया। जबकि मुंबई में ऐसे दस दिन रहे। यह आंकड़े व्यवस्थित वीओसी पूर्वगामी निगरानी की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। विशेषज्ञ डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि ओजोन सुरक्षा और जलवायु कार्रवाई की परस्पर संबद्ध प्रकृति पर बल दिया और कहा कि ओजोन क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने से पहले ही 0.5°Cतक की वैश्विक तापवृद्धि को रोका जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस कार्यक्रम में डीटीयू कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार, पर्यावरण विज्ञान एवं आभियांत्रिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गीता सिंह, संयोजक डॉ. राजीव कुमार मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं के साथ संवाद किया। वक्ताओं ने बेहतर नीति वकालत, टिकाऊ शीतलन प्रौद्योगिकियों में वैज्ञानिक नवाचार और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का समर्थन करने वाले जीवनशैली विकल्पों का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed