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Delhi NCR News: जेएनयू में हॉस्टल आवंटन में आरक्षण नीति के सख्त पालन की मांग
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-बापसा ने डीओएस को सौंपा ज्ञापन, कहा-छात्राें काे हाेती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) ने डीन ऑफ स्टूडेंट्स (डीओएस) से नए शैक्षणिक सत्र में हॉस्टल आवंटन में तेजी लाने और आरक्षण नीति का पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। बापसा के अनुसार बड़ी संख्या में छात्र देश के विभिन्न हिस्सों से जेएनयू आते हैं। खासकर आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के छात्रों के लिए हॉस्टल उच्च शिक्षा जारी रखने की अनिवार्य आवश्यकता है। समय पर हॉस्टल आवंटन नहीं होने से छात्रों को महंगे और असुरक्षित निजी आवास में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कई स्नातक (यूजी) छात्र अब भी डॉर्मिटरी में रह रहे हैं। जबकि उन्हें नियमित हॉस्टल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
बापसा के अनुसार लंबे समय तक अस्थायी आवास में रहने से छात्रों की पढ़ाई और जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। हॉस्टल आवंटन में आरक्षण के सही क्रियान्वयन की भी मांग की गई है। सामान्य (ओपन) मेरिट से प्रवेश पाने वाले आरक्षित वर्ग के छात्रों को हॉस्टल आवंटन में भी ओपन श्रेणी में ही माना जाए ताकि आरक्षित सीटें संबंधित वर्ग के अन्य पात्र छात्रों के लिए उपलब्ध रहें। संगठन ने सभी नए पीजी छात्रों और डॉर्मिटरी में रहने वाले छात्रों के लिए तत्काल हॉस्टल आवंटित करने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) ने डीन ऑफ स्टूडेंट्स (डीओएस) से नए शैक्षणिक सत्र में हॉस्टल आवंटन में तेजी लाने और आरक्षण नीति का पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। बापसा के अनुसार बड़ी संख्या में छात्र देश के विभिन्न हिस्सों से जेएनयू आते हैं। खासकर आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के छात्रों के लिए हॉस्टल उच्च शिक्षा जारी रखने की अनिवार्य आवश्यकता है। समय पर हॉस्टल आवंटन नहीं होने से छात्रों को महंगे और असुरक्षित निजी आवास में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कई स्नातक (यूजी) छात्र अब भी डॉर्मिटरी में रह रहे हैं। जबकि उन्हें नियमित हॉस्टल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
बापसा के अनुसार लंबे समय तक अस्थायी आवास में रहने से छात्रों की पढ़ाई और जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। हॉस्टल आवंटन में आरक्षण के सही क्रियान्वयन की भी मांग की गई है। सामान्य (ओपन) मेरिट से प्रवेश पाने वाले आरक्षित वर्ग के छात्रों को हॉस्टल आवंटन में भी ओपन श्रेणी में ही माना जाए ताकि आरक्षित सीटें संबंधित वर्ग के अन्य पात्र छात्रों के लिए उपलब्ध रहें। संगठन ने सभी नए पीजी छात्रों और डॉर्मिटरी में रहने वाले छात्रों के लिए तत्काल हॉस्टल आवंटित करने की मांग की है।
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