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Delhi NCR News: रजिस्ट्रार के खिलाफ कथित झूठे प्रचार पर एफआईआर की मांग
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- शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने जामिया नगर थाने पहुंचकर पुलिस को दी शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एम महताब आलम रिजवी के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और मानहानिकारक सामग्री फैलाने के मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कर्मचारियों ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से जामिया नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। शिकायत पर डीन, विभागाध्यक्ष, केंद्रों के निदेशक, प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारियों समेत कई कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए। कर्मचारियों ने पुलिस को कथित आपत्तिजनक पोस्ट के स्क्रीनशॉट, फर्जी परिपत्र और अन्य दस्तावेज भी सौंपे।
शिकायत में विश्व दलित परिषद के पदाधिकारी समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सोशल मीडिया, मैसेजिंग ग्रुप और विभिन्न वेब प्लेटफॉर्म के जरिए रजिस्ट्रार के खिलाफ कथित रूप से झूठे आरोप और गलत जानकारी फैलाई। कर्मचारियों का आरोप है कि इससे रजिस्ट्रार की छवि और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय के नियमित प्रशासनिक फैसलों को गलत तरीके से पेश किया गया और कथित तौर पर फर्जी प्रशासनिक आदेश प्रसारित किए गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एम महताब आलम रिजवी के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और मानहानिकारक सामग्री फैलाने के मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कर्मचारियों ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से जामिया नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। शिकायत पर डीन, विभागाध्यक्ष, केंद्रों के निदेशक, प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारियों समेत कई कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए। कर्मचारियों ने पुलिस को कथित आपत्तिजनक पोस्ट के स्क्रीनशॉट, फर्जी परिपत्र और अन्य दस्तावेज भी सौंपे।
शिकायत में विश्व दलित परिषद के पदाधिकारी समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सोशल मीडिया, मैसेजिंग ग्रुप और विभिन्न वेब प्लेटफॉर्म के जरिए रजिस्ट्रार के खिलाफ कथित रूप से झूठे आरोप और गलत जानकारी फैलाई। कर्मचारियों का आरोप है कि इससे रजिस्ट्रार की छवि और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय के नियमित प्रशासनिक फैसलों को गलत तरीके से पेश किया गया और कथित तौर पर फर्जी प्रशासनिक आदेश प्रसारित किए गए।
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