फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delivery of woman on the street in gurgaon.

बीच सड़क पर हुई महिला की डिलेवरी

Fri, 19 Sep 2014 03:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 19 Sep 2014 03:05 AM IST
विज्ञापन
Delivery of woman on the street in gurgaon.

हरियाणा सरकार ने मेवात में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हों मगर बृहस्पतिवार को एक बार फिर उन पर सवालिया निशान, उस समय लग गया, जब एक गर्भवती महिला ने बीच सड़क में एक निजी अस्पताल के सामने एक शिशु को जन्म दिया।

विज्ञापन


यह घटना नूंह शहर के गौशाला रोड के निकट वार्ड नंबर 8 में स्थित जीएम हेल्थ केयर अस्पताल के ठीक सामने हुई। प्रत्यक्षदर्शी राशिद एडवोकेट व जाकिर हुसैन के अनुसार गर्भवती महिला गांव पल्ला निवासी रुकैय्या पत्नी हासिम थी, जो कि बीच सड़क पर करीब बीस मिनट तक लेबर पेन की वजह से कराहती रही मगर उसकी मदद उस निजी अस्पताल की महिला चिकित्सक ने नहीं की।
विज्ञापन


उधर सामान्य अस्पताल नूंह के रिकॉर्ड के अनुसार इस महिला को बृहस्पतिवार की दोपहर को 3.50 बजे दाखिल कराया गया था, जहां उसकी रक्त ग्रुप जांच और रक्त दबाव यानी ब्लड प्रैशर की जांच हुई। उस वक्त इस अस्पताल में दो महिलाएं प्रसूति के लिए लाई गई थी। गांव पल्ला के गरीब परिवार की रुकैय्या के खून का ग्रुप बी पॉजीटिव पाया गया, जिसमें होमोगलोबिन की मात्रा 6 ग्राम मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस वक्त डयूटी पर तैनात महिला चिकित्सक ने मरीज को शहीद हसन खॉ मेडीकल कालेज नल्हड़ के लिए रेफर कर दिया। तब मरीज के परिजनों ने सरकारी एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया और एक ऑटो रिक््शा में बिठाकर करीब पांच बजे नूंह अस्पताल से चले गए। करीब 15 मिनट में ये लोग जीएम होस्पिटल के सामने पहुंच गए।

इस अस्पताल की महिला चिकित्सक से बात करते हुए इन लोगों ने करीब 35 मिनट बिता दिए। करीब छह बजे इस महिला ने सड़क में पर महिला परिजनों के बीच एक शिशु को जन्म दिया। प्रत्यक्षदर्शी जहां शिशु की मौत हो जाने की बात कह रहे हैं जबकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

उधर निजी अस्पताल की महिला चिकित्सक का पक्ष उसके अस्पताल के सामने हुई इस घटना को लेकर प्राप्त नहीं हो पाया।

इसके दूसरी तरफ सामान्य अस्पताल नूंह के एसएमओ डॉ. एमएस रंगा ने कहा कि पल्ला निवासी इस महिला के परिजन उसे डिलीवरी के लिए नूंह अस्पताल में लाए थे मगर उनको नल्हड़ मेडीकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया था क्योंकि महिला में खून की कमी थी।


उन्होंने निजी अस्पताल में महिला की प्रसूति ना करने को भी दुखद बताया। फिलहाल इस मामले में चूक किसी से हुई हो मगर एक गर्भवती महिला का सड़क बीच में शिशु को जन्म देना सभ्य समाज के माथे पर कलंक ही कहा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed