चिड़ियाघर का दर्दनाक हादसा इनके लिए बन गया वरदान
अक्सर लोग दर्दनाक हादसों को भुलाने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि दिल्ली के चिड़ियाघर में हुआ हादसा किसी के लिए वरदान बन सकता है।
23 सितंबर को विजय नामक एक सफेद बाघ ने 22 वर्षीय मकसूद नाम के युवा को ऐसा दबोचा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस हादसे ने देश ही नहीं दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। अभी इस हादसे को बीते बीस दिन भी नहीं हुए हैं कि इससे जुड़ा एक ऐसा सच सामने आया है जो अजीब भी हैं और चौंकाने वाला भी।
असल में इस हादसे के बाद से दिल्ली चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों की संख्या और सफेद बाघ विजय को देखने वालों की होड़ तो बढ़ी ही है।
इसके साथ कुछ ऐसा भी हुआ है जिसने चिड़ियाघर के नजदीक खिलौनों की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार को भी खुश कर दिया है।
हादसे के बाद बढ़ गई दुकानदारी
असल में इस हादसे को टीवी पर लाइव देख और इसकी खतरनाक तस्वीरों ने बच्चों को बेहद आकर्षित किया। यही कारण है कि जू में बच्चों के आने की संख्या बढ़ी है। दिल्ली चिड़ियाघर के ही नजदीक खिलौनों की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार का अनुभव भी इस घटना ने बदल दिया है।
सामान्य तौर पर उसकी दुकान उपेक्षित रहती थी। भूले-भटके ही कोई उनकी दुकान पर आता था। खासतौर पर इस मौसम में तो उसकी दुकानदारी बिल्कुल ही गिर जाती थी। लेकिन इस हादसे के बाद उसकी दुकानदारी चल पड़ी है।
उसके दुकान पर आने वालों की संख्या पहले भी बच्चों की ही ज्यादा थी लेकिन अब यहां आने वाला हर बच्चा दुकानदार से विजय की तरह दिखने वाले मिमिएचर या कहिए बाघ वाले खिलौने को देखते ही उसकी ओर ही लपक पड़ता है।
इस दुकान को चलाने वाले निरंजन गिरी और नरेश कुमार ने बताया कि विजय की मांग इतनी बढ़ गई है कि हमने उसके विशेष आर्डर दिए हैं। विजय का यह मिनिएचर मुंबई और हैदराबाद से बनकर आता है।
सफेद बाघ हुआ लोकप्रिय
दुकानदार का कहना है कि घटना के बाद से अब तक विजय नाम के इस खिलौने के 60 से ज्यादा पीस बिक चुके हैं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए इस बाघ के स्मॉल, मीडियम और बिग साइज को दुकान के डिस्प्ले में लगाया गया है।
चिड़ियाघर में हुए हादसे ने बाघ ही नहीं उसकी तरह दिखने वाले खिलौनों को भी लोकप्रिय बना दिया है। इस घटना के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम बनाई थी।
हाल ही में टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जिसमें संकेत किया गया कि इस हादसे के लिए चिड़ियाघर प्रशासन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि जू की व्यवस्था में कुछ सुधार किए जाने की आवश्यकता है। सुधार किस तरह के हों इस बारे में कमेटी की रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है।
साभार: एचटी मीडिया