बेदम हो रही दिल्ली!: 600 घटनाएं पराली जलाने की उत्तर भारत में दर्ज, आज से दिल्लीवालों पर तीन दिन भारी
दिवाली से पहले ही राजधानी दिल्ली स्मॉग की चादर में लिपट गई है। इससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। शनिवार तक दिल्लीवालों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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दिवाली से पहले ही राजधानी स्मॉग की चादर में लिपट गई है। इससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 364 दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में है और मंगलवार की तुलना में 37 सूचकांक अधिक है। इस सीजन में 23 अक्तूबर का दिन सर्वाधिक प्रदूषित रहा।
दिल्ली के इन इलाकों में एक्यूआई
वहीं, विवेक विहार, आईटीओ, द्वारका समेत 11 इलाकों में एक्यूआई 500 तक पहुंच गया जो अति गंभीर श्रेणी है। डीटीयू व दिलशाद गार्डन में हवा बेहद खराब और पंजाबी बाग में हवा खराब श्रेणी में रही। सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक दिल्लीवालों को बेहद प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ेगी।
पराली जलाने की 600 से अधिक घटनाएं दर्ज
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बुधवार को उत्तर भारत में पराली जलाने की 600 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं। ऐसे में दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 11.16 फीसदी रही। डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के आंकड़ों के अनुसार प्रदूषण में खुले में कूड़ा जलने से होने वाले धुआं 1.267 फीसदी रहा, जबकि यातायात से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 13.555 फीसदी रही।
एनसीआर में एक्यूआई
दिल्ली-------364
गाजियाबाद----305
नोएडा-------300
ग्रेटर नोएडा----254
गुरुग्राम-------247
फरीदाबाद-----238
(नोट: आंकड़े सीपीसीबी के मुताबिक)
दिल्ली में अधिकतम एक्यूआई
-बवाना---------500
-द्वारका---------500
-आईटीओ-------500
-जहांगीरपुरी------500
-मंदिर मार्ग-------500
-नेहरु नगर-------500
-रोहिणी---------500
-सिरी फोर्ट-------500
-सोनिया विहार----500
(नोट : सभी आंकड़ें सीपीसीबी के मुताबिक)