फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Vasant Kunj Family Suicide Case Like Burari Incident know Inside Story

बुराड़ी जैसा सामूहिक खुदकुशी कांड: चारों बेटियों ने पहने थे कलावा, जान देने से पहले पिता ने की थी जितिया पूजा

Sat, 28 Sep 2024 03:12 PM IST
शाहरुख खान पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 28 Sep 2024 03:12 PM IST
सार

Delhi Vasant Kunj Suicide Case: दिल्ली में एक और बुराड़ी जैसा सामूहिक खुदकुशी कांड सामने आया है। एक ही परिवार के पांच लोगों ने खुदकुशी कर ली। पिता और चार बेटियों ने जहर खाकर आत्महत्या की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

विज्ञापन
Delhi Vasant Kunj Family Suicide Case Like Burari Incident know Inside Story
Delhi Vasant Kunj - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के वसंतकुंज इलाके चार बेटियों के साथ पिता के खुदकशी करने के मामले को भी दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस बुराड़ी सामूहिक खुदकुशी केस के कोण से जांच कर रही है। बुराड़ी सामूहिक खुदकुशी मामले की तरह वसंतकुंज सामूहिक खुदकुशी मामले में भी अंधविश्वास की बातें सामने आ रही हैं। 
विज्ञापन


यहां पर चार बेटियों ने कमर में कलावा पहनने के अलावा गले में भी कलावा धागा पहना हुआ था। इस कलावा को गले और कमरे में कई बार लपेटा हुआ था। ऐसे में पुलिस अंधविश्वास के चलते हुए खुदकुशी जैसा कदम उठाने के कोण से भी जांच कर रही है।
विज्ञापन


दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस को शुरूआती जांच में ये पता लगा है कि खुदकुशी करने से पहले एक दिन पहले जीतिया पूजा भी की थी। इसके लिए वह दुकान से लड्डू भी लेकर आया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस उपायुक्त ने घर में लड्डू मिलने की पुष्टि की है। हालांकि पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पूजा करने के बाद वह चौराहे पर कुछ रखने गया था, तभी पड़ोसियों ने देखा था। उसके बाद पड़ोसियों ने पिता व बेटियों को बाहर नहीं देखा था।

रंगपुरी गांव में रहने वाले इस पीड़ित परिवार के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि वह इस परिवार के बारे में ज्यादा नहीं जानते। सिर्फ ये पता था कि चार बेटियां है, पर ये पता नहीं था कि बेटियों की उम्र कितनी है। मां की एक वर्ष पहले कैंसर से मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार में महिलाएं हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया का निर्जला व्रत रखती हैं। 

वहीं इसके साथ ही शाम के समय विधि-विधान से जीवित वाहन देवता की पूजा करती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से संतान के जीवन में सुख- समृद्धि बनी रहती है। साथ ही लंबी उम्र की प्राप्ति होती है। हालांकि हीरालाल की एक बेटी पूरी तरह देख नहीं पाती थी। 

 

दो बेटियां चल नहीं पाती थीं। एक बेटी दिव्यांग थी। वह टेक्सी से बेटियों को ओखला स्थित ईएसआई अस्पताल व अन्य जगहों पर ले जाता था। पड़ोसी बेटियों को टैक्सी से इलाज के लिए ले जाने और गोदी में उठाकर ऊपर-नीचे लाते और ले जाते हुए देखते थे।
 

छह महीने पहले नौकरी चली गई थी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पेशे से कारपेंटर रहे हीरालाल की करीब छह महीने पहले नौकरी चली गई थी। वह स्पाइनल इंजुरी अस्पताल में कारपेंटर की नौकरी करता था। पत्नी की मौत के बाद बेटियों की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई तो वह समय से नौकरी पर नहीं जा पाता था। इस कारण उसे अस्पताल प्रशासन ने नौकरी से निकाल दिया, मगर अस्पताल प्रशासन ने उसकी मजबूरियों को नहीं देखा और न ही समझा।
 

घर में नहीं मिला खाने का सामान
नौकरी छूटने के बाद हीरालाल आर्थिक तंगी से जूझने लगा। रिश्तेदारों ने भी उससे किनारा कर लिया था। घर का खर्चा चलाने के अलावा बेटियों के इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी। मकान का किराया भी 6500 रुपये था। जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घर में पूजा के लड्डू के अलावा खाना-पीने का सामान व राशन ज्यादा नहीं मिला है। घर में सभी बर्तन धुले व साफ सुथरे लगे हुए थे। ऐसा लगता है कि खुदकुशी से पहले पीड़ित परिवार ने खाना भी नहीं खाना था।

24-25 सितंबर की रात की है खुदकुशी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित परिवार ने 24 सितंबर को जितिया पूजा की है। उसके बाद 24 और 25 सितंबर की रात खुदकुशी की है। चारों बेटी एक बेड पर पड़ी हुई थी, जबकि हीरालाल अलग कमरे में मृत पड़ा हुआ था। सभी सल्फास के बाद तड़पे भी। दोनों बेडों की चादर सिमट रही है। इससे लग रहा है वह जहरीला पदार्थ खाने के बाद खूब तड़पे हैं।

पानी में घोल कर पिया सल्फास
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि पांचों ने पानी में घोल कर सल्फास नाम का जहरीला पदार्थ पिया है। पुलिस को बेटियों के कमरे से चार गिलास व पिता के कमरे एक गिलास और चमच्च मिली है। ऐसा लग रहा है कि सभी ने जहरीला पदार्थ एक साथ पिया है। पुलिस को सल्फास के चार रेपर कूडे़ के डिब्बे में मिले हैं। कुछ तरह पदार्थ भी मिला है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हीरालाल जहरीला पदार्थ कहां से कब लेकर आया।

यहां रहते थे
फ्लैट नंबर सी-4, खसरा नंबर 678, टाटा टेल्को के पास, चौहान मोहल्ला, रंगपुरी, नई दिल्ली

पिता-हीरालाल शर्मा (37) पुत्र मरई लाल शर्मा
बेटी- नीतू (26), निक्की ( 24), नीरू(23) और निधि (20)
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed