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डीयू के शिक्षकों का मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक मार्च, ‘लड़ेंगे-जीतेंगे’ के नारों से गूंजीं सड़कें
Sat, 11 Jan 2020 10:35 AM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 11 Jan 2020 10:35 AM IST
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डीयू शिक्षक संघ ने निकाला मार्च
- फोटो : अमर उजाला
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‘लड़ेंगे-जीतेंगे’ ‘शिक्षा का बाजारीकरण नहीं चलेगा’, ‘डीयू वीसी नहीं चलेगा’ जैसे ही नारों की गूंज के बीच शुक्रवार को डीयू के शिक्षकों ने दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के बैनर तले मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। मार्च के बाद शिक्षकों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले जाया गया।
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डूटा की मांग तदर्थ शिक्षकों के समायोजन, पदोन्नति, पेंशन आदि की है। मार्च में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान कुछ शिक्षक सड़क पर लेट गए। मार्च के बाद शिक्षकों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले जाया गया। वहां उन्हें दो घंटे रोका गया।
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थाने में भी शिक्षक समायोजन के नारे लगाते रहे। शाम को शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अमित खरे से मुलाकात की। डूटा उपाध्यक्ष डॉ. आलोक रंजन पांडेय ने बताया कि अमित खरे और यूजीसी चेयरमैन डॉ. डीपी सिंह से डेढ़ घंटे की मुलाकात में समायोजन, 5 दिसंबर के पत्र को पूरी तरह लागू करने, पुरानी सर्विस को प्रमोशन में शामिल करने, पेंशन, फिजिकल एजुकेशन जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा की।
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डॉ. पांडेय के मुताबिक, उन्हें आश्वासन दिया गया है कि 5 दिसंबर के पत्र को लागू करने के संबंध में जल्द ही डीयू कुलपति और रजिस्ट्रार को बुलाकर बात की जाएगी। समायोजन के संबंध में कहा गया कि यह संसद से ही संभव है। अन्य मांगों पर भी विचार का भरोसा मिला है।