बाजार में बिक रही कुंजी ने डीयू को किया शर्मिंदा
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के बीकॉम में पांचवें सेमेस्टर के छात्र इस बार अपने प्रश्न पत्र देख चौंक गए। असल में उनमें से ज्यादातर ने प्रश्नपत्र में आए सभी सवालों को उनके जवाब सहित पहले ही देख लिया था। चौंकाने वाली बात ये है कि ऐसा कैसे हो गया।
असल में दिल्ली यूनिर्सिटी के ही स्कूल ऑफ ओपेन लर्निंग की बी कॉम की परीक्षा इसी साल मई-जून के दौरान हुई थी और उस परीक्षा में भी यही सवाल आए थे। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस मामले में गलती कहां और किससे हुई।
इस बारे में दिल्ली यूनिवर्सिटी में बी कॉम के विभागाध्यक्ष जेपी शर्मा ने कहा कि परीक्षा में आने वाले सवालों के बारे को तय करने का काम तीन अध्यापकों को एक दल करता है। उन तीनों ही टीचरों के नाम उनके पास मौजूद हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी चौंका देने वाली बात ये है कि न सिर्फ दोनों ही परीक्षाओं में पूछे गए सवाल बिल्कुल एक ही हैं बल्कि उनका क्रम भी एक जैसा ही था।
पहले से ही पता थे सवालों के जवाब
बृहस्पतिवार को बी कॉम के पांचवे सेमेस्टर का पेपर देख छात्र चौंक गए। असल में दिल्ली यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी प्रकाशक छात्रों को साल्व पेपर उपलब्ध कराते हैं। बीकॉम की इस परीक्षा के साल्व पेपर भी बाजार में उपलब्ध थे।
यूनिवर्सिटी के ज्यादातर छात्र परीक्षा से पहले इन सॉल्व पेपर की सीरीज एक बार जरूर देखते हैं क्योंकि इनसे इस बात की जानकारी मिल जाती है कि परीक्षा में संभावित प्रश्न क्या हो सकते हैं। इस बार भी सारे छात्र पहले से ही इन सॉल्व पेपर्स को देखकर ही परीक्षा देने गए थे।
इस बार का सॉल्व पेपर में (जिसे कुंजी भी कहा जाता है) स्कूल ऑफ ओपेन लर्निंग के मई-जून में आए सवाल और उनके जवाब भी मौजूद थे। जिन छात्रों ने इस कुंजी को पढ़ा था उनके लिए डीयू बीकॉम की यह परीक्षा असल में होने से पहले ही आउट हो चुकी थी।