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दिल्ली में कोरोना : दो शाही इमामों की अपील, घर में ही अदा करें ईद-उल-फितर की नमाज

Mon, 10 May 2021 07:19 PM IST
पूजा त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 10 May 2021 07:19 PM IST
सार

दिल्ली की दो ऐतिहासिक मस्जिदों के शाही इमामों ने सोमवार को अलग अलग वीडियो जारी कर मुस्लिम समुदाय से कोरोना वायरस महामारी की वजह से आगामी ईद -उल-फितर की नमाज घर में ही अदा करने की अपील की।
 

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Delhi two shahi imams appeal muslims to pray eid ul fitr namaz at home
जामा मस्जिद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली की दो ऐतिहासिक मस्जिदों के शाही इमामों ने सोमवार को अलग अलग वीडियो जारी कर मुस्लिम समुदाय से कोरोना वायरस महामारी की वजह से आगामी ईद -उल-फितर की नमाज घर में ही अदा करने की अपील की।

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जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी और चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने वीडियो में मुसलमानों से अपील की है कि वे कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए ईद की नमाज घर में ही पढ़ें।
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ईद का त्यौहार गुरुवार या शुक्रवार को पड़ सकता है जो चांद नजर आने पर निर्भर करता है। बुखारी ने एक वीडियो में कहा, इस वक्त कोरोना वायरस वबा (महामारी) की शक्ल में पूरे मुल्क में तेजी से फैल चुका है और यह वायरस बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। यह ऐसा कयामत (प्रलय) का मंजर है जो हमने और आपने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा।
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उन्होंने कहा, विशेषज्ञों के मुताबिक,कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा भी है और लिहाजा 13 या 14 मई को ईद-उल-फितर है और हालात की नज़ाकत को देखते हुए मेरी अपील है कि ईद की नमाज़ अपने घरों में ही पढ़ी जाए तो बेहतर है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हालात में शरीयत (इस्लामी कानून) घर में नमाज पढ़ने की इजाजत देती है। 

वहीं फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम ने अलग वीडियो में कहा, कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही और रोज लाखों मामले सामने आ रहे हैं, हजारों लोगों की मौत हो रही है। हालात के मुताबिक, बहुत ज्यादा एहतियात करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह लहर अभी और तेज़ी अख्तियार करेगी। इसी वजह से लॉकडाउन लगाया गया है। 

मुफ्ती मुकर्रम ने कहा, रमजान में हमने घरों में रहकर इबादत की। पिछले साल हमने घरों में ही ईद की नमाज अदा की थी। बीमारी का डर अब भी मौजूद है तथा संक्रमण बहुत ज्यादा है। लिहाजा सभी लोगों से अपील करूंगा कि ईद वाले दिन भी मस्जिद की तरफ न आएं बल्कि घरों में ही इबादत करें। शरीयत में इसकी इजाजत मौजूद है।

उन्होंने कहा, जो लोग ईद के दिन मस्जिद में नमाज अदा न कर सकें वे घर में सुबह के वक्त चार रकात नमाज़ ‘नफील’ पढ़ें और फिर ‘तकबीर’ पढ़ें और अल्लाह से दुआ करें। मुफ्ती मुकर्रम ने लोगों से सदका-ए-फित्र (दान) अदा करने की अपील करते हुए समुदाय के लोगों से गरीबों की, खासकर, कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की ‘दिल खोलकर’ मदद करने की गुजारिश की।


मुसलमानों के लिए अभी इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना ‘रमजान’ चल रहा है जिसमें समुदाय के लोग रोजा (व्रत) रखते हैं। यह महीना ईद का चांद नजर आने के साथ खत्म होता है। इस्लामी कैलेंडर में एक महीना 29 या 30 दिन का होता है और यह चांद पर निर्भर करता है।

बता दें कि जामा मस्जिद का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने कराया था जबकि फतेहपुरी मस्जिद का निर्माण उनकी एक पत्नी फतेहपुरी बेगम ने कराया था।

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