दिल्ली: डीटीसी कर्मी आज करेंगे चक्का जाम, बढ़ सकती हैं मुसाफिरों की मुश्किलें
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डीटीसी के अस्थायी कर्मचारी रविवार को आईपी डिपो स्थित डीटीसी मुख्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन पर रहे। कर्मचारियों ने कहा कि प्रशासन ने उन पर दबाव बनाने के लिए हड़ताल का हवाला देते हुए एस्मा लागू किया है। जबकि कर्मचारी हड़ताल पर नहीं हैं। एस्मा लागू होने से कर्मचारियों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। आज कर्मचारी प्रशासन के खिलाफ हड़ताल करेंगे और चक्का जाम करेंगे। दूसरी ओर दिल्ली सरकार ने वेतन कटौती के सर्कुलर को वापस ले लिया। प्रशासन के इस फैसले के बाद भी कर्मचारी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों ने समान काम समान वेतन और डीटीसी में ठेकेदारी के तहत बसें न चलाने की मांग को पूरा होने पर ही काम पर लौटने की बात कही है। ऐसे में सोमवार को कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मुसाफिरों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।
डीटीसी कॉन्ट्रैक्च्युअल एम्पलॉयी यूनियन के अध्यक्ष वाल्मिकी झा ने कहा कि मांगे पूरी करने के बजाय प्रशासन एस्मा लागू करके दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। जबकि वाजिब मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन करना कर्मचारियों का अधिकार है। इस तरह के फैसले हमारे अधिकार को छीनकर संविधान का उल्लंघन करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि डीटीसी कर्मचारी अब तक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद तोड़ने के लिए कर्मचारी सोमवार को हड़ताल करेंगे।
डीटीसी कॉन्ट्रैक्च्युअल इम्पलॉयी यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि, जब तक सरकार बाकी की दो मांगों समान काम समान वेतन और डीटीसी में बसों की ठेकेदारी रोकने की मांग को पूरा नहीं करती, तब तक कर्मचारी अपनी प्रदर्शन करेंगे और सोमवार को हड़ताल करेंगे। गौरतलब है कि शनिवार को डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर के बैनर तले हुई प्रेस वार्ता में आईटीयू दिल्ली, एआईटीयूसी दिल्ली, एआईयूटीयूसी, डूटा, जेएनयूएसयू, आंबेडकर यूनिवर्सिटी, जन संस्कृति मंच, संगवारी समेत अन्य संगठनों ने डीटीसी कर्मचारियों को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
डीटीसी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे योगेंद्र यादव
31 तक काटी गई राशि खाते में जमा करने की घोषणा
डीटीसी अस्थायी कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के प्रभाव स्वरूप सातवें दिन दिल्ली सरकार ने वेतन कटौती के सर्कुलर को वापस ले लिया। अब तक वेतन में हुई कटौती की राशि को 31 अक्तूबर तक कर्मचारियों के खाते में जमा करने की घोषणा की।
रविवार शाम को दिल्ली परिवहन निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों के वेतन में 4 अगस्त से की गई कटौती के सर्कुलर को वापस ले लिया है। वेतन से की गई कटौती के राशि को 31 अक्तूबर तक कर्मचारियों के खाते में जमा कर दी जाएगी। डीटीसी के संदेश में अस्थायी कर्मचारियों से काम पर लौटने की भी अपील की गई।
कर्मचारियों की मांगों के मद्देनजर दिल्ली सरकार की कैबिनेट की बैठक के बाद वेतन में कटौती के सर्कुलर को वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद अतिरिक्त श्रमायुक्त ने इस फैसले को लागू कर दिया। इसी के मद्देनजर डीटीसी ने सभी अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में हुई कटौती के सर्कुलर को वापस लेने की जानकारी कर्मचारियों को दी। डीटीसी का कहना है कि इस ऑर्डर में निर्देश दिए गए हैं कि दिवाली से पहले 31 अक्तूबर तक सभी कर्मचारियों को कटा हुआ वेतन वापस दिया जाएगा, ताकि कर्मचारी दिवाली का त्यौहार खुशी से मना सकें।
डीटीसी कर्मचारियों के समर्थन में रविवार को स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी नेता कुर्सी पर बैठते ही झूठ बोलने लगते हैं। आप सरकार ने भी वही किया है, जो पहले की अन्य सरकारें करती थीं। उन्होंने कहा कि वे डीटीसी कर्मचारियों के पूरे समर्थन में हैं। सबको एक ही तरह की सुविधाएं और वेतन मिलना चाहिए। योगेंद्र ने कहा कि सरकार ने ना करने के पीछे बड़ा बहाना लगाया। ये कहा गया कि हाईकोर्ट से इस तरह वेतन देने के विरुद्ध हैं तो हम क्या करेंगे। समान काम-समान वेतन के लिए सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है तो हाईकोर्ट इसके विरुद्ध कैसे हो सकता है। जबकि कुछ प्रक्रियाओं को पालन न किए जाने के कारण हाईकोर्ट ने यह फैसला लिया था।