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इनसे बचें, नहीं तो हो जाएंगे हादसे के शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 06 Jun 2014 04:54 AM IST
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राजधानी की सड़कों पर हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं। सुबह घर से निकलने के बाद मालूम नहीं होता कि वह शाम को सुरक्षित घर पहुंचेंगे भी या नहीं। विशेषज्ञों की मानें तो कहीं वाहन चालक रोड इंजीनियरिंग की खामियों की भेंट चढ़ जाते हैं तो कहीं गलत साइन बोर्ड व ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही और ट्रैफिक सेंस का न होना, जानलेवा साबित होता है।
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अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को राजधानी के कई इलाकों का लाइव निरीक्षण किया तो दिखा कि सड़कों पर ये खामियां रोज मौत को दावत देती हैं। राजधानी में ऐसे 128 प्वाइंट की पहचान की गई जहां हर साल पांच या इससे ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं।
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इन जगहों पर रोड इंजीनियरिंग का काम शुरू कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। अमर उजाला संवाददाता शुजात आलम व फोटो ग्राफर जी. पाल ने राजधानी की सड़कों पर जो देखा पेश है उसकी लाइव रिपोर्ट:
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बीच सड़क वाहन रोककर पूछते हैं रास्ता
दोपहर 1:00 बजे : रिंग रोड मिले नियम बस डिपो फ्लाईओवर
प्रगति मैदान की ओर से अक्षरधाम मंदिर की जाने वाले वाहन चालक फ्लाईओवर के मुंह से अपने वाहनों को तेज रफ्तार में मोड़ते हैं। ऐसे में हादसे की अधिक संभावना रहती है। यहां पर कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा हुआ है। अक्सर वाहन चालक यहां बीच सड़क में अपने वाहनों को रोककर रास्ता पूछने लगते हैं। बीच सड़क पर एक स्विफ्ट कार चालक रास्ता पूछने के लिए अमर उजाला की टीम के पास ही पहुंच गया। अपनी मंजिल का पता जानने के बाद वह आगे बढ़ा।
आमने-सामने टकरा जाते हैं वाहन
दोपहर 1:30 बजे : एनएच-24 पर पांडव नगर पुलिया
रोड इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी खामी यहां देखने को मिलती है। एनएच-24 पर गाजीपुर की ओर से मदर डेयरी की ओर जाने-आने के लिए एक ही रास्ता है। ऐसे में आमने-सामने से आए वाहन अक्सर भिड़ जाते हैं। पुलिया के बराबर से ढलान पर वाहन काफी तेजी से आते हैं, ऐसे में सामने से आए वाहनों से उनकी टक्कर होने की संभावना बनी रहती है। पीक आवर्स में तो यहां की हालत खराब ही रहती है।
बंद रहती है रेड लाइट
दोपहर 2:00 बजे : गणेश नगर तिराहा
मदर डेयरी के सामने गणेेश नगर तिराहे पर गजब नजारा देखने को मिलता है यहां लालबत्ती तो लगी है, लेकिन वह ज्यादातर बंद ही रहती है। चलती भी है तो वह ब्लिंकर में तब्दील रहती है। यहां कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात नहीं रहता है। ऐसे में वाहन चालक अपनी मनमानी करते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इस प्वाइंट पर ट्रैफिक के फंसने से अक्सर जाम भी लगा रहता है।
बाइक से धड़ाम से नीचे गिरा व्यक्ति
दोपहर 2:30 बजे: शकरपुर चुंगी
विकास मार्ग स्थित शकरपुर चुंगी पर जो नजारा अमर उजाला की टीम को देखने को मिला वह राजधानी की कहानी बयां करता है। आईटीओे की ओर से आते हुए बाइक सवार ने अचानक बाइक को अक्षरधाम लूप की ओर मोड़ दिया। सड़क पर पड़े पत्थर से बाइक का संतुलन बिगड़ा और पीछे बैठा शख्स चलती बाइक से गिर गया। गनीमत यह रही कि सड़क पर उस समय कोई वाहन बाइक सवार के नजदीक नहीं आ रहा था।
इस चौराहे पर नहीं मानता कोई ट्रैफिक नियम
दोपहर 3:00 बजे: सीलमपुर टी-प्वाइंट
सूत्रों की मानें तो सबसे ज्यादा हादसे इसी प्वाइंट पर होते हैं। हालांकि इस प्वाइंट पर मरने वालों लोगों की संख्या कम है, लेकिन अगर सड़क हादसों घायल होने वाले लोगों की बात की जाए तो उनकी संख्या कहीं ज्यादा होगी। कमाल की बात देखिए, यहां ट्रैफिक सिग्नल 24 घंटे चलता है और ट्रैफिक पुलिस भी रहती है। लेकिन बावजूद इसके यहां कोई भी ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं करता है।
वीवीआईपी इलाके में भी ठप हैं सिग्नल
दोपहर 3:30 बजे: पंडित पंत मार्ग व महादेव रोड चौराहा
वीवीआईपी इलाके में बने इस चौराहे पर वाहनों की रफ्तार काफी तेज होती है। न तो यहां कोई लालबत्ती है और न ही कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिखाई देता है। ट्रैफिक पुलिस ने खानापूर्ति करते हुए यहां सिर्फ ब्लिंकर लगाया हुआ है। चौराहे पर अक्सर वाहन अव्यवस्थित रहते हैं। कई बार तो यहां छोटे-मोटे हादसे भी हो जाते हैं। कमाल की बात यह है कि केेंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर का घर चंद कदम की दूरी पर है।
इन सड़कों पर हर साल पांच या उससे अधिक लोगों की चली जाती है जान...
अलीगांव, आजादपुर चौक, सब्जी मंडी आजादपुर, सीएनजी पंप संजय गांधी टी प्वाइंट, डाबड़ी फ्लाई ओवर, दादा देव अस्पताल, डीसीएम चौक, डीएनडी फ्लाई ओवर महारानी बाग, ईस्ट विनोद नगर, ईएसआई अस्पताल आनंदमयी मार्ग, फैज रोड क्रॉसिंग, गीता कॉलोनी फ्लाई ओवर, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, जहांगीरपुरी बस स्टैंड, जैतपुर मोड़, मधुबन चौक, मजनूं का टीला, मंगोलपुरी फ्लाई ओवर, मेट्रो स्टेशन मादीपुर, मुकुंदपुर चौक, मुकरबा चौक, नांगली बुधपुर गांव, नांगलोई डिपो, नारायणा, निगमबोध घाट, पंजाबी बाग चौक, पुस्ता न्यू उस्मानपुर, साई बाबा मंदिर नरेला, सरिता विहार फ्लाई ओवर, एसजीटी नगर नरेला, एसजीटी कॉलेज नरेला, श्यामलाल कॉलेज, सिंधु बॉर्डर, टिकरीखुर्द बस स्टैंड, अंडरपास गाजीपुर रेडलाइट, वजीरपुर डिपो, ब्रिटेनिया चौक, शास्त्री पार्क रेड लाइट, हनुमान मंदिर, शकरपुर चुंगी, गोकुलपुरी चौक, आश्रम चौक, आईएसबीटी आनंद विहार और अक्षरधाम मंदिर के पास (एनएच-24)।