दिल्ली: रुकने का इशारा करने पर एएसआई को कुचलने वाला गिरफ्तार, बोला- गुस्से में आकर दिया घटना को अंजाम
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राजधानी दिल्ली के ख्याला इलाके में रूकने का इशारा करने पर यातायात पुलिस के एएसआई पर कार चढ़ाने वाले आरोपी को पुलिस ने नोएडा स्थित उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पुलिस ने हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया था।
आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद से ससुराल में रह रहा था। जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि आरोपी की पहचान फरीदाबाद निवासी अमनदीप(22) के रूप में हुई है।
पुलिस ने उसके कब्जे से आई-20 कार जब्त कर ली है। 17 अगस्त को यातायात पुलिस के एएसआई रघुवीर नगर के पास यातायात व्यवस्था को संचालित कर रहे थे। इसी दौरान वहां आई एक आई-20 कार को उन्होंने रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाए कार की रफ्तार बढ़ाकर एएसआई को टक्कर मार दी और उन्हें कुचलते हुए कार समेत फरार हो गया।
एएसआई को अस्पताल में भर्ती करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी कैमरों के जरिए कार का नंबर पता चला। नंबर के जरिए बहादुरगढ़ अथॉरिटी से कार के मालिक का सुराग लगाने की कोशिश की। कार फरीदाबाद निवासी विजेंद्र के नाम पर रजिस्टर्ड था।
पुलिस ने उस पते पर विजेंद्र की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। उसके फोन की जांच में पीरागढ़ी के सर्विस सेंटर का पता चला। छानबीन करने पर पता चला कि कार की सर्विस गुरुग्राम व फरीदाबाद के एक सर्विस सेंटर में हुई है।
फरीदाबाद सर्विस सेंटर पर पता चला कि 2019 में सुशील गुप्ता ने सर्विस करवाई थी। सुशील से संपर्क करने पर पता चला कि वह कार का पहला खरीदार है। उसने जून 2019 में कार को एक्सचेंज ऑफर में यूनाइटेड ऑटोमोबाइल महिंद्रा फरीदाबाद को बेच दिया था।
वहां से पुलिस को किसी अन्य को बेचने का पता चला। करीब दर्जन भर लोगों से पूछताछ करने के बाद पुलिस को सचिन के बारे में जानकारी मिली। सचिन ने पूछताछ में बताया कि उसने कार को एक माह पहले अपने दोस्त फरीदाबाद निवासी अमनदीप को बेचा है।
अमनदीप की फोन डिटेल और लोकेशन की जांच करने पर पता चला कि घटना वाले दिन वह घटनास्थल पर मौजूद था। उसके बाद पुलिस ने अमनदीप की तलाश शुरू की। उसके फरीदाबाद स्थित घर पर दबिश के दौरान वह नहीं मिला, लेकिन पुलिस को वहां से उसके ससुराल का पता चला।
21 अगस्त की रात सदरपुर सेक्टर 45 नोएडा से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि यातायात पुलिसकर्मी के कार रोके जाने से वह गुस्से में आ गया और घटना को अंजाम दिया था।