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Delhi : पांच साल के बच्चे की नाक में फंसी खिलौने की बैटरी, डॉक्टरों ने बचाई जान; टल गया खतरा
Fri, 23 May 2025 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 23 May 2025 06:16 AM IST
सार
नांगलोई में रहने वाले बच्चे ने खेल-खेल में नाक के दाहिने हिस्से में खिलौनी की बैटरी डाल ली थी। उसके बाद बच्चे को परिवार के लोग नजदीकी डॉक्टर के पास ले गए।
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x ray में दिख रही है नाक में फंसी बैटरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक पांच वर्षीय बच्चे की नाक से खिलौने की छोटी बैटरी निकालकर डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई है। नांगलोई में रहने वाले बच्चे ने खेल-खेल में नाक के दाहिने हिस्से में खिलौनी की बैटरी डाल ली थी। उसके बाद बच्चे को परिवार के लोग नजदीकी डॉक्टर के पास ले गए। वहां पर स्थिति गंभीर हो गई। उपचार के दौरान बैटरी नाक के पिछले हिस्से में पहुंच गई।
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उसके बाद बच्चे को बुधवार शाम रोहिणी स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल के ईएनटी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि एक्सरे में बैटरी बच्चे के नाक के दाहिने हिस्से में पीछे फंसी थी।
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इससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। नाक से खून भी आ रहा था। तुरंत इमरजेंसी ओटी में बच्चे को बेहोश कर 40 मिनट के ऑपरेशन के बाद बैटरी को निकाला गया।
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डॉक्टरों ने बताया कि नाक के जिस हिस्से में बैटरी फंसी थी उसमें से बैटरी का तरल पदार्थ भी लीक हो गया था। इससे ऊतक को भी नुकसान पहुंचा। यह पदार्थ ऊतक को जला भी देता है। हालांकि अब बच्चा खतरे से बाहर है। यह बैटरी छोटे आकार की थी। बृहस्पतिवार को बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
बच्चों का रखें ध्यान
- बच्चों को सिक्के, बटन या खिलौनों के छोटे भाग खेलने के लिए न दें। वे उन्हें अपनी नाक या मुंह में डाल सकते हैं
- बच्चों की नाक को नियमित रूप से साफ करना चाहिए ताकि धूल, मिट्टी और अन्य कणों से नाक के मार्ग में बाधा न आए
- बच्चों को नाक में कुछ भी डालने से रोकें, जैसे कि उंगली, पेंसिल या अन्य वस्तुएं