फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi tops in patients recovery in Corona affected states

महामारी से जंगः कोरोना प्रभावित राज्यों में मरीजों की रिकवरी में दिल्ली अव्वल

Sat, 25 Apr 2020 04:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 25 Apr 2020 04:21 AM IST
विज्ञापन
Delhi tops in patients recovery in Corona affected states
सैनिटाइजेशन... - फोटो : अमर उजाला

महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में अब तक सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। करीब दो माह तक देश के अति संवेदनशील राज्यों में दिल्ली दूसरे स्थान पर था लेकिन अब गुजरात दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर है लेकिन संक्रमित मरीजों की रिकवरी में दिल्ली सबसे आगे है। रिकवरी दर महाराष्ट्र में 13, गुजरात में 10 फीसदी है जबकि दिल्ली में 34 फीसदी मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। अमर उजाला की पड़ताल में कोविड मैनेजमेंट की तीन बड़ी वजह सामने आई हैं जो दिल्ली को बाकी राज्यों से अलग रख रही हैं। यह वजह हैं, समय पर पहचान, इलाज और मरीजों में पहले से कोई गंभीर बीमारी न होना।

विज्ञापन


समय पर कोरोना संक्रमितों की पहचान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिल्ली में स्थानीय फैलाव की वजह से संक्रमित मरीज ज्यादा मिल रहे हैं लेकिन उतनी ही तेजी से रिकवर भी हो रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है ट्रेसिंग। अब तक हर उस मरीज की पहचान समय पर करने में दिल्ली कामयाब रही है। इसमें काफी हद तक सहयोग दिल्ली के लोगों का रहा, जिन्होंने आगे आकर अपनी जांच कराई या कंट्रोल रूम में कॉल करके मदद ली। 10 हेल्पलाइन पर 920 कॉल और कैट्स एंबुलेंस के लिए 167 कॉल अब तक दर्ज की जा चुकी हैं।
विज्ञापन


अस्पताल में मरीजों की निरंतर देखभाल
सबसे ज्यादा संक्रमित मरीजों का उपचार कर रहे लोकनायक अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. सुरेश ने रिकवरी की सबसे बड़ी वजह प्रॉपर मैनेजमेंट मानते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर तैयार ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से हमें बहुत मदद मिली है। इस प्रोटोकॉल के जरिये महज 12 घंटे में एक बड़ी मेडिकल टीम प्रशिक्षित हो गई और उन्हें समझ आ गया कि इन मरीजों का उपचार कैसे करना है? इसके अतिरिक्त अस्पताल ने सबसे पहले मरीजों की छंटनी पर भरोसा किया। भर्ती के दौरान उसका आकलन कर आईसीयू या वार्ड में भर्ती किया गया। इसके बाद हल्का व गंभीर असर वाले दोनों तरह के मरीजों का अलग अलग फॉलोअप रखा। दिन में तीन से चार बार एक एक मरीज के फॉलोअप में नर्स व रेजीडेंट डॉक्टरों ने बेहतर तरीके से जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हालांकि एक कारण यह भी है कि जो ट्रीटमेंट दे रहे हैं मरीज का शरीर उसे स्वीकार कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकतर संक्रमितों को दूसरी बीमारी नहीं होना
दिल्ली में 23 अप्रैल तक 2376 संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। चूंकि अब तक के अध्ययनों में यह साफ हो चुका है कि जिन लोगों को पहले से डायबिटीज, किडनी, हार्ट या हाइपरटेंशन इत्यादि रोग हैं उनके लिए यह जानलेवा हो सकता है। ऐसे में दिल्ली के संक्रमित मरीजों को देखें तो अधिकतर ऐसे हैं जो पहले से ही स्वस्थ थे।  साथ ही इनकी आयु भी कम है जिसका फायदा डॉक्टरों को इनकी इम्युनिटी बूस्ट होने के रुप में मिल रहा है। दिल्ली में 50 वर्ष से कम आयु के 1548 मरीज संक्रमित हैं। इनमें से अब तक 10 लोगों की मौत भी हो चुकी है लेकिन उनमें से 9 यानी 90 फीसदी पहले से किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त थे। जबकि 60 या उससे अधिक आयु के 443 संक्रमित मरीजों में सर्वाधिक 27 की मौत हो चुकी है इनमें 24 मरीज कोरोना की चपेट में आने से पहले ही बीमार थे।

दिल्ली में कोरोना प्रभावितों के आंकड़े :
कुल मरीज : 2376
ठीक हुए : 808
मौत : 50
भर्ती : 1518
सह-रोग मौतें: 42
दिल्ली की मृत्युदर : 2.10 फीसदी
(सभी आंकड़ें 23 अप्रैल तक)

कोरोना से सबसे ज्यादा गंभीर तीन राज्य
राज्य         मरीज        ठीक हुए        मौतें
महाराष्ट्र      6430       840            283
गुजरात      2624        258            112
दिल्ली       2376       808             50

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed