फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kejriwal also felt the blow from the High Court after the Supreme Court.

सुप्रीम कोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने भी दिया केजरीवाल को झटका

Fri, 29 May 2015 09:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 29 May 2015 09:28 PM IST
विज्ञापन
Kejriwal also felt the blow from the High Court after the Supreme Court.

केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के खिलाफ हाईकोर्ट गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है।

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर अंतरिम आदेश में कहा कि उपराज्यपाल को अधिकारियों की नियुक्ति पर फैसला लेने का अधिकार है। हाईकोर्ट के मुताबिक ये अधिकार एलजी का ही होगा। हालांकि दिल्ली सरकार अपना सुझाव एलजी को भेज सकती है।

लेकिन इसके बाद भी सुझाव को मानने या न मानने का अंतिम अधिकार उपराज्यपाल का ही होगा। कोर्ट ने अंतिम निर्णय पर एलजी का हक बताया है।

'दिल्ली सरकार सुझाव दे सकती है'

Kejriwal also felt the blow from the High Court after the Supreme Court.

गौरतलब है कि केंद्रीय ग्रह मंत्रालय की अधिसूचना पर इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी आज अपना फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि केन्द्र के नोटिफिकेशन पर हाईकोर्ट का जो फैसला आया था उसका कोई न्यायसंगत आधार नहीं है।

हाईकोर्ट ने मौजूदा आदेश के साथ दिल्ली सरकार द्वारा केंद्रीय ग्रहमंत्रालय के खिलाफ लगाई गई याचिका पर नोटिस जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी पूछा है कि दूसरे केंद्र शासित राज्यों में अधिकारियों की नियुक्ति कैसे होती है और दिल्ली में इससे पहली सरकारे कैसे इन मुद्दों पर फैसला करती थी।

ऐसे में हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग की जानकारी एलजी को देनी होगी। एलजी ही इस पर अंतिम फैसला लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया दिल्ली सरकार को नोटिस

Kejriwal also felt the blow from the High Court after the Supreme Court.

हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ केन्द्र के द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को बड़ा झटका दिया है।

कोर्ट ने कहा है कि केन्द्र के नोटिफिकेशन पर हाइकोर्ट का जो फैसला है उसका कोई न्यायसंगत आधार नहीं है। हालांकि कोर्ट ने इस मामले पर ना ही स्टे दिया है और ना ही हाइकोर्ट के फैसले को बदला है।

इतना जरूर है कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस देने के बाद तीन हफ्ते में जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि केन्द्र ने नोटिफिकेशन 21 मई को जारी किया था जबकि हाईकोर्ट का फैसला 20 मई को ही आ गया था। ऐसे में एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकार क्षेत्र को लेकर हाइकोर्ट के आदेश के पैरा संख्या 66 में जो बात कही गई है उसे सुप्रीम कोर्ट ने न्यायसंगत नहीं माना है।

इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई को कोर्ट ने पांच अगस्त तक टाल दिया है।

विज्ञापन

आज अदालत में होगा केजरी-जंग पर फैसला

Kejriwal also felt the blow from the High Court after the Supreme Court.

आपको ता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल को लेकर केंद्र और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच छिड़ी जंग रायसीना हिल्स के बाद अदालत पहुंच गई था। केजरीवाल सरकार को जहां गत 21 मई को गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में तानाशाही दिख रही थी।

वहीं केंद्र को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा की गई 25 मई की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज था। इसमें अधिसूचना को संदिग्ध बताया गया था। लिहाजा एक ओर जहां केंद्र ने हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है वहीं केजरीवाल सरकार ने इस अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

दोनों याचिकाओं पर आज सुनवाई होगी। इस बीच, उपराज्यपाल नजीब जंग ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह सचिव एलसी गोयल से मुलाकात कर हालात की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत की।

क्या है असल मामला

Kejriwal also felt the blow from the High Court after the Supreme Court.

दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी में केजरीवाल को जहां अपनी जीत दिख रही, वहीं केंद्र को इस बात पर ऐतराज है कि आखिर हाईकोर्ट ऐसी टिप्पणी कैसे कर सकता है। वह भी एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान।


बृहस्पतिवार को गृह मंत्रालय की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस मामले की जल्द सुनवाई की गुहार लगाई।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणी से अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। रोजमर्रा का प्रशासन मुश्किल में पड़ गया है। इस पर पीठ ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सिर्फ संदिग्ध शब्द का इस्तेमाल किया है न कि अधिसूचना को लेकर कोई आदेश पारित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed