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Delhi : लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने वाला अभियान होगा तेज, शेल्टर होम के लिए आज किया जाएगा जमीन का सर्वे
Sat, 30 Aug 2025 02:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Aug 2025 02:11 AM IST
सार
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कुत्तों के नसबंदी अभियान और शेल्टर होम निर्माण की कमान अपने हाथों में ले ली है। वे शनिवार को एमसीडी के पांच नसबंदी केंद्रों का निरीक्षण करेंगी और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगी।
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर एमसीडी ने राजधानी में लावारिस कुत्तों से लोगों को राहत दिलाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कुत्तों के नसबंदी अभियान और शेल्टर होम निर्माण की कमान अपने हाथों में ले ली है। वे शनिवार को एमसीडी के पांच नसबंदी केंद्रों का निरीक्षण करेंगी और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगी। साथ ही, खतरनाक कुत्तों के लिए शेल्टर होम की स्थापना के लिए विभिन्न इलाकों में जमीन का सर्वे करेंगी।
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एमसीडी के पास फिलहाल 20 नसबंदी केंद्र हैं लेकिन इनमें से केवल 13 ही वर्तमान में सक्रिय हैं। इन केंद्रों की कार्यक्षमता और उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने स्वयं दौरा करने का निर्णय लिया है। दरअसल, सीमित संसाधनों और क्षमता के कारण नसबंदी का काम गति से नहीं हो पा रहा है जिससे कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ रही है। दिल्लीवासियों की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर हमले से लेकर कॉलोनियों में झुंड बनाकर घूमने वाले लावारिस कुत्तों की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
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एमसीडी के पास लावारिस और खतरनाक कुत्तों को रखने के लिए कोई स्थायी शेल्टर होम नहीं है। ऐसे में कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार एमसीडी शेल्टर होम बनाने जा रही है। फिलहाल, पकड़े गए कुत्तों को अस्थायी व्यवस्थाओं में रखा जाता है लेकिन वहां देखभाल और नियंत्रण दोनों ही स्तर पर दिक्कतें आती रही हैं। कोर्ट के आदेश के तहत बनने वाले शेल्टर होम न केवल खतरनाक कुत्तों को सुरक्षित रखने का स्थान होंगे बल्कि वहां उनके लिए बेहतर देखभाल, इलाज और पुनर्वास की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे एक ओर नागरिकों को राहत मिलेगी।
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उप समिति पहले ही कर रही है कार्य
स्थायी समिति ने कुत्तों की बढ़ती समस्या पर काबू पाने के लिए पहले ही उप समिति गठित कर रखी है। यह समिति स्थिति का अध्ययन कर सिफारिशें दे रही है ताकि लावारिस कुत्तों के प्रबंधन की नीति को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए अब एमसीडी ने इस दिशा में ठोस और व्यापक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी
सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नसबंदी केंद्रों के दौरे के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं और उपकरणों की स्थिति और प्रतिदिन हो रहे ऑपरेशनों की संख्या की बारीकी से जांच की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ आदेशों का पालन करना नहीं है बल्कि दिल्ली की जनता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है।