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दिल्ली: देश के विख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश का कोरोना से निधन, दो महीने तक आईसीयू में लड़ी जिंदगी की जंग

Sat, 19 Jun 2021 09:52 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 19 Jun 2021 09:52 AM IST
सार

रीढ़ की हड्डी से जुड़ी विशेषज्ञता प्राप्त डॉ. रमेश कुमार ने 39 साल में हजारों सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को नया जीवन दिया। उनके नाम 100 से भी अधिक शोध प्रकाशित हो चुके हैं।

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Delhi safdarjung hospital famous orthopedic doctor ramesh died of corona after two months in ICU
डॉ. रमेश कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो महीने तक आईसीयू में कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर रमेश कुमार की आखिरकार मौत हो गई। शुक्रवार देर शाम डॉ. रमेश कुमार ने अस्पताल के आईसीयू में दम तोड़ दिया। हड्डी रोग विशेषज्ञता को लेकर देश के जाने माने डॉक्टरों में से एक रमेश कुमार केंद्रीय हड्डीरोग संस्थान (सीआईओ) के प्रमुख भी रहे। 

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रीढ़ की हड्डी से जुड़ी विशेषज्ञता प्राप्त डॉ. रमेश कुमार ने 39 साल में हजारों सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को नया जीवन दिया। उनके नाम 100 से भी अधिक शोध प्रकाशित हो चुके हैं। पिछले एक साल में कोरोना वायरस ने डॉ. रमेश कुमार की भांति कई चर्चित और अनुभवी चिकित्सकों को छीन लिया।
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साल 2016 में धापू देवी नाम की 108 वर्षीय महिला को डॉ. रमेश कुमार की बदौलत ही चलना नसीब हुआ था क्योंकि बुजुर्गावस्था और कूल्हे में समस्या होने के चलते यह महिला लंबे समय से बिस्तर पर थीं। अधिक उम्र की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए डॉ. रमेश कुमार ने कूल्हा प्रत्यारोपण करने के बाद तीन दिन में ही इन्हें बिस्तर से खड़ा कर दिया था। इस उम्र में यह देश का पहला मामला था।
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जानकारी के अनुसार डॉ. रमेश कुमार दो महीने पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। शुरूआती दिनों में इनकी हालत स्थिर थी लेकिन दूसरी लहर के दौरान जहां एक तरफ ज्यादातर मामले सांस फूलने और ऑक्सीजन की मांग को लेकर सामने आ रहे थे।

उसी दौरान डॉ. रमेश कुमार की तबियत बिगड़ती चली गई। आनन-फानन इन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। यहां वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी रही लेकिन उनकी कुछ हद तक ही उनके स्वास्थ्य को बेहतर करने में कामयाबी मिल पाई थी।

अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि करीब दो सप्ताह से डॉ. रमेश कुमार की हालत बिगड़ रही थी। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें बचाने में कामयाब नहीं रहे। वहीं डॉ. रमेश कुमार की मौत की सूचना से हर कोई स्तब्ध रह गया।


अस्पताल के डॉक्टरों को जब इस सूचना पर यकीन नहीं हुआ तो प्रबंधन के जरिए व्हाट्सएप ग्रुप पर इसकी पुष्टि की है। इस दौरान अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। अस्पतालों के डॉक्टरों ने कहा कि न सिर्फ अस्पताल बल्कि देश ने एक कर्मठ और अनुभवी चिकित्सक को खो दिया। सफदरजंग अस्पताल में सीआईओ को ऊंचाईयों तक ले जाने में डॉ. रमेश कुमार का काफी योगदान रहा है। 

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