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Delhi: तीन माह में सड़क सुरक्षा से संबंधित खामियां होंगी दूर, आईआईटी ऑडिट रिपोर्ट आने पर एक्शन में पीडब्ल्यूडी

Thu, 25 Jul 2024 05:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 25 Jul 2024 05:02 AM IST
सार

इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क सुरक्षा इंजीनियरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल दिल्ली के 150 से अधिक सड़क जंक्शनों को सुधारने का काम करेगा।

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Delhi: Road safety related deficiencies will be removed in three months
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में तीन माह में सड़क सुरक्षा से संबंधित खामियों को दूर किया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क सुरक्षा इंजीनियरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल दिल्ली के 150 से अधिक सड़क जंक्शनों को सुधारने का काम करेगा। पहले चरण में पीडब्ल्यूडी सड़क प्रभाग के 17 कार्यकारी इंजीनियरों में से प्रत्येक को तीन जंक्शन दिए जाएंगे। साथ ही, इंजीनियरों की ओर से स्थिति का सर्वेक्षण कर आवश्यक सभी सुधार कार्यों की सूची भी तैयार की जाएगी।

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दरअसल, सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की समिति के निर्देशों के बाद आईआईटी दिल्ली ने बीते वर्ष राजधानी की सड़कों पर सुरक्षा को लेकर ऑडिट किया था। इसकी रिपोर्ट में भारी खामियां सामने आईं थीं। 150 से अधिक जंक्शन ऐसे पाए गए थे, जहां सुधार की तुंरत जरूरत है। यहां व आसपास सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ रही थीं। ऐसे में इन खामियों को दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने योजना तैयार की है। इसके तहत फुटपाथ का डिजाइन, सेंट्रल वर्ज, साइनेज आदि को ठीक किया जाएगा। बुराड़ी और मुकुंदपुर जंक्शनों पर सुधार कार्य शुरू भी हो गया है।
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ऑडिट में सिर्फ 25% फुटपाथ ही उपयोग के लायक
ऑडिट में खुलासा हुआ था कि पीडब्ल्यूडी की 1,400 किलोमीटर लंबी विभिन्न सड़कों के किनारे केवल 25 फीसदी फुटपाथ की सतह पैदल राहगीरों के इस्तेमाल के योग्य है। साथ ही, 16 फीसदी फुटपाथ इंडिया रोड कांग्रेस (आईआरसी) की ओर से निर्धारित मानदंडों के अनुसार चौड़े हैं। कई सड़कों के फुटपाथ पर व्हीलचेयर के लिए रैंप नहीं हैं। साथ ही, कई सड़कें अतिक्रमण की शिकार हैं। इन समस्याओं से पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ इस्तेमाल करना मुश्किल है।
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सिर्फ 31% साइनेज मानक के अनुरूप मिले
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि ऑडिट के अनुसार सड़कों पर केवल 31 फीसदी साइनेज ही इंडिया रोड कांग्रेस (आईआरसी ) के मानकों का पालन करते मिले। ऐसे में दोषपूर्ण साइनेज को बदला जाएगा। सड़क चिह्नों और छिपे हुए साइनेज को और अधिक दिखने योग्य बनाया जाएगा। लगभग 35 से 40% घातक सड़क दुर्घटनाएं जंक्शनों के आसपास होती हैं।


सुरक्षा उपायों को लागू करने में नहीं दिखाई गंभीरता
पीडब्ल्यूडी की विशेष सचिव शशांक अला ने सड़क सुरक्षा इंजीनियरिंग सेल का गठन किया। इस दौरान कहा गया कि आईआईटी दिल्ली की ऑडिट में सुझाए गए सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करने में बहुत कम या कोई प्रगति नहीं देखी गई। इस कारण सेल का गठन किया गया। सेल में पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता (सिविल) निपुण गुप्ता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इनके अलावा कार्यकारी अभियंता (सिविल) विनय शील सक्सेना, सहायक अभियंता (सिविल) अमित कुमार दुबे और संजय कुमार सिंह को सदस्य बनाया गया है। सेल सभी पीडब्ल्यूडी फील्ड इकाइयों, दिल्ली पुलिस/यातायात पुलिस अधिकारियों और सड़क सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन के उद्देश्य से नियुक्त सलाहकार के साथ पर्यवेक्षण और समन्वय करेगा।

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