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Delhi: एम्स में सामने आया एक दुर्लभ और जटिल मामला, 30 साल की महिला के चेहरे में फेशियल सिंकाइनेसिस की पहचान
Sat, 28 Mar 2026 03:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 28 Mar 2026 03:14 AM IST
सार
30 साल की एक महिला में फेशियल सिंकाइनेसिस नाम की समस्या पाई गई है। इस बीमारी में चेहरे की मांसपेशियां अपने आप अनैच्छिक रूप से हिलने लगती हैं।
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Delhi AIIMS
- फोटो : ANI
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विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में डॉक्टरों के सामने एक दुर्लभ और जटिल बीमारी आई है। 30 साल की एक महिला में फेशियल सिंकाइनेसिस नाम की समस्या पाई गई है। इस बीमारी में चेहरे की मांसपेशियां अपने आप अनैच्छिक रूप से हिलने लगती हैं।
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यह मामला डॉ. रंजन गुप्ता और डॉ. रुद्र प्रसाद गोस्वामी द्वारा सामने लाया गया, जिसे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल एनईजेएम में 21 मार्च को प्रकाशित किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला पहले से सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस से पीड़ित थी और कुछ समय पहले उसे बेल्स पाल्सी हुआ था, जिसमें चेहरे की मांसपेशियों में अचानक होने वाली अस्थायी कमजोरी या लकवा होने लगता है।
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इलाज के बाद बेल्स पाल्सी के लक्षण तो कम हो गए, लेकिन उसके बाद चेहरे की मांसपेशियों में अजीब तरह की अनैच्छिक हलचल शुरू हो गई। डॉ. रंजन गुप्ता और डॉ. रुद्र प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि जांच में पाया कि जब महिला अपनी भौंहें उठाती थी, तो उसके मुंह का कोना भी अपने आप ऊपर उठ जाता था।
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यानी एक हरकत करने पर चेहरे के दूसरे हिस्से भी बिना नियंत्रण के हिलने लगते थे। यही फेशियल सिंकाइनेसिस की पहचान है। उन्होंने बताया कि यह समस्या चेहरे की नस को नुकसान पहुंचने के बाद होती है, जब नसें दोबारा बनती हैं, तो वे सही तरीके से काम नहीं करतीं और कई मांसपेशियों को एक साथ गलत तरीके से नियंत्रित करने लगती हैं।
डॉक्टरों ने मरीज को बोटुलिनम टॉक्सिन (इंजेक्शन) से इलाज कराने की सलाह दी, लेकिन उसने इसे लेने से मना कर दिया और फिजियोथेरेपी का रास्ता चुना। हालांकि, तीन महीने बाद भी उसकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसके अलावा डॉ. रंजन गुप्ता ने यह भी बताया कि इस तरह के मामले आम होते जा रहे हैं।