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Delhi : कल होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव की तैयारियां पूरी, सदन में मोबाइल के साथ प्रवेश पर पाबंदी
Wed, 13 Nov 2024 02:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 13 Nov 2024 02:19 AM IST
सार
निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए निगम ने अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीमें नियुक्त की है। दो अलग-अलग मतदान केंद्र बनाए गए है। वहीं, सदन में मतदान के समय सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को मोबाइल फोन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी।
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एमसीडी मुख्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एमसीडी ने बृहस्पतिवार को होने वाले मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए निगम ने अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीमें नियुक्त की है। दो अलग-अलग मतदान केंद्र बनाए गए है। वहीं, सदन में मतदान के समय सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को मोबाइल फोन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी।
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मेयर चुनाव में एमसीडी के 249 पार्षदों के अलावा 14 विधायक, दिल्ली से लोकसभा के सातों सांसद और राज्यसभा के तीन सांसद भी हिस्सा लेंगे, लेकिन उन्हें सदन में मोबाइल फोन साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इस संबंध में एमसीडी ने मंगलवार को सभी पार्षदों, विधायकों व सांसदों के पास सूचना भेज दी है। इसके पीछे का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में गोपनीयता बनाए रखना है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके।
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इन दिशा-निर्देशों का विरोध आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने स्थायी समिति के एक सदस्य के चुनाव के दौरान किया था। उनका कहना है कि मोबाइल फोन पर पाबंदी का नियम एकतरफा और पक्षपातपूर्ण है और इस प्रकार के नियमों के माध्यम से भाजपा अपने हित साधने का प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ, भाजपा के पार्षदों का कहना है कि यह नियम सभी दलों के सदस्यों पर समान रूप से लागू किया गया है और इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की गोपनीयता के उल्लंघन से बचना है।
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पहचान पत्र होने पर ही सदन में मिलेगा प्रवेश
एमसीडी ने सभी सदस्यों के लिए पहचान-पत्र अनिवार्य किया है। इसके अलावा उम्मीदवारों के समर्थकों व उनके वाहनों को सिविक सेंटर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं सदस्यों को नवनिर्वाचित पदाधिकारी का स्वागत करने की अनुमति नहीं होगी।
पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति पर असमंजस
मेयर चुनाव में पीठासीन अधिकारी की भूमिका भी अहम है। एमसीडी को उपराज्यपाल की ओर से पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति का इंतजार है। इस पद के लिए वर्तमान मेयर शैली ओबेरॉय को जिम्मेदारी मिलने की संभावना कम है। चर्चा है कि इस बार यह पद भाजपा के किसी सीनियर पार्षद को दिया जा सकता है। इससे आम आदमी पार्टी के विरोध की संभावना और बढ़ जाती है। उसके पार्षदों का कहना है कि वर्तमान मेयर को पीठासीन अधिकारी बनाना चाहिए, मगर भाजपा अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए यह निर्णय करवा रही है।