शर्मनाक: पुलिसवालों ने युवक को अगवा कर मांगी फिरौती
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दिल्ली पुलिस के एक हवलदार व सिपाही की करतूत ने पूरे पुलिस महकमे की साख पर बट्टा लगा दिया। न्यू उस्मानपुर थाने में तैनात दोनों पुलिस कर्मियों ने अपने तीन मुखबिरों के साथ मिलकर नंद नगरी के एक युवक को अगवा कर लिया। पीड़ित को न्यू उस्मानपुर थाने के ही एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर परिवार से एक लाख रुपये की मांग की गई।
पीड़ित परिवार ने नंद नगरी थाने में इसकी सूचना दी। छानबीन हुई तो आरोपियों का भेद खुल गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जानकारी हुई तो सख्त कार्रवाई हुई। हवलदार जितेंद्र दत्त शर्मा व सिपाही मोहित मलिक और इनके साथी अतहर हसन, इश्तिकार व विजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों पुलिसकर्मियों को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। न्यू उस्मानपुर थाना प्रभारी और ड्यूटी ऑफिसर की भूमिका को संदिग्ध पाकर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलते ही चंद घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार को भी बरामद कर लिया गया। मामले की छानबीन जारी है। आगे जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित शिवा (33) परिवार के साथ हर्ष विहार इलाके में रहता है। नंद नगरी इलाके में वह एक ज्वेलर के पास काम करता है। बृहस्पतिवार शाम को कुछ अज्ञात लोग उसे जबरन कार में डालकर ले गए। कुछ ही देर बाद पीड़ित के एक परिचित के पास कॉल आई। शिवा को छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की जाने लगी।
शिवा के खिलाफ चोरी व स्नेचिंग के सात-आठ मामले दर्ज
आरोपी ने धमकी दी कि अगर रुपये नहीं मिले तो अंजाम ठीक नहीं होगा। पीड़ित का परिवार घबरा गया। उसकी पत्नी व परिवार के बाकी लोगों ने मामले की सूचना नंद नगरी थाने में दी। पुलिस को भी मामला फिरौती के लिए अगवा किए जाने का लगा। फौरन टीम का गठन कर जांच शुरू कर दी गई।
आरोपियों ने पीड़ित परिवार को रुपये लेकर शास्त्री पार्क में बुलाया। शुक्रवार को परिवार रुपये लेकर वहां पहुंचा। इस बीच पुलिस की टीम भी चुपचाप वहां मौजूद रही। रुपये लेते हुए मुखबिरों को दबोच लिया गया। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वारदात में न्यू उस्मानपुर थाने का हवलदार जितेंद्र व सिपाही मोहित भी शामिल हैं।
पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर शिवा को न्यू उस्मानपुर थाने के ही एक कमरे से सकुशल बरामद कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों पुलिसकर्मियों के वारदात में शामिल होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। सभी आरोपियों के खिलाफ जबरन वसूली, बंधक बनाने, आपराधिक षडयंत्र रचने का मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शिवा के खिलाफ चोरी व स्नेचिंग के सात-आठ मामले दर्ज
पुलिस सूत्रों की मानें तो अक्सर पुलिस की ओर से इस तरह की कटिंग (अवैध रूप से अगवा करना) होती रहती है। जिन बदमाशों के खिलाफ मुकदमे होते हैं या किसी का एक या दो वारदातों में नाम आ जाता है, उनको दूसरे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर डरा-धमकाकर उनके परिजनों से रुपये वसूले जाते हैं। ऐसा लगता है कि शिवा के मामले में भी ऐसा ही हुआ। अगवा करने के बाद उसे बुरी तरह पीटा गया। बाद में थाने में लाकर बंधक बना लिया गया। जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि शिवा के खिलाफ चोरी व स्नेचिंग के सात-आठ मुकदमे दर्ज हैं।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई
जिले में किसी भी तरह का कोई भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे जिले को यह संदेश दे दिया गया है। वारदात में इस्तेमाल की गई कार आरोपी हवलदार जितेंद्र दत्त की है। उसमें ही शिवा को अगवा किया गया। शिवा को बंधक बनाकर थाने में रखा गया या फिर वह कार से ही मिला, इसकी जांच की जा रही है। - अतुल कुमार ठाकुर, पुलिस उपायुक्त, जिला उत्तर-पूर्वी