किसानों को रोकने में पुलिस के छूटे पसीने, 17 कंपनियों के अलावा आरएएफ भी रही तैनात
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किसान क्रांति यात्रा के दौरान हजारों की तादाद में दिल्ली बॉर्डर पर जुटे किसानों को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को एड़ी से चोटी तक का जोर लगाना पड़ा। किसान क्रांति यात्रा साहिबाबाद से होती हुई दिल्ली-गेट (गाजीपुर बॉर्डर) बॉर्डर पर पहुंची।
पुलिस ने यहां 7 लेयर बैरिकेडिंग (7 बैरिकेड को एक साथ जोड़कर बनाई गई लेयर) लगाई हुई थी। वहीं दिल्ली पुलिस की 17 कंपनियों के अलावा अर्द्धधसैनिक बलों को भी तैनात किया गया था। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक भी हालात का जायजा लेने घटना स्थल पर पहुंचे हुए थे।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के पांच हजार से अधिक जवानों को गाजीपुर व अन्य बॉर्डरों पर लगाया गया था। शाहदरा, पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम और बाहरी जिले की सभी रिजर्व फोर्स को मौके पर बुला लिया गया था। मौके पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त लॉ एंड आर्डर संदीप गोयल, विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन व आरपी उपाध्याय के अलावा संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव, डीसी श्रीवास्तव और कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। पुलिस को इस बात का पूरा अंदेशा था कि, किसान मानेंगे नहीं और दिल्ली में प्रवेश की पूरी कोशिश करेंगे। इसके लिए पुलिस ने आधा दर्जन वाटर कैनन और कई वज्र वाहनों को गाजीपुर में तैनात किया हुआ था।
कानून व्यवस्था बनाने के लिए किया गया बल प्रयोग: पुलिस
चूंकि किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर पर मौजूद थे और उसी से टक्कर मार-मारकर बैरिकेडिंग तोडने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने यूपी की सीमा में पहले किसानों को खदेड़ा और अंदर घुसकर सभी ट्रैक्टर व किसानों के ट्रकों के पहियों की हवा निकाल दी। कुछ किसानों ने आंसू गैस के गोले वापस पुलिस पर फेंके, लेकिन पुलिस ने उन्हें उठाकर भीड़ की ओर फेंक दिया। पुलिस ने दावा किया है कि महज 20 गैस के गोले छोड़े गए। वहीं किसानों का कहना था पुलिस ने 100 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े।
गाजीपुर बॅार्डर पर किसानों व पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प पर दिल्ली पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर सफाई दी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि, किसान नेताओं को पहले ही धारा-144 की सूचना दे दी गई थी। इसके अलावा बार-बार लाउड स्पीकर पर लोगों से शांति बनाए रखने और आदेश का पालन करने का अनुरोध किया था। कहा जा रहा था कि उनके नेताओं और सरकार के बीच बात चल रही है वह शांति बनाए रखें, लेकिन कुछ किसान उग्र हो गए। इन लोगों ने बैरिकेडिंग तोडने की कोशिश के साथ पुलिस पर पथराव किया तो मजबूरन वाटर कैनन चलानी पड़ी। बाद में पुलिस ने कम से कम आंसू गैस का इस्तेमाल कर लोगों को हटा दिया। झड़प के दौरान एक एसीपी समेत सात पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं।