दिल्ली पुलिस ने MAX अस्पताल को भेजा नोटिस, मांगा तीन दिन में जवाब
दिल्ली पुलिस ने मैक्स अस्पताल में जीवित नवजात को मृत बताकर परिजनों की सौंपने के मामले में अस्पताल प्रशासन को नोटिस दिया है। पुलिस ने मामले में अस्पताल प्रशासन से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। वहीं, अस्पताल से जांच में शामिल होने के लिए कहा है।
जिला पुलिस उपायुक्त असलम खान ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को मंगलवार तक जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, घटना वाले दिन डॉक्टरों की ड्यूटी, कर्मचारी की जानकारी, रजिस्टर और पीड़िता का मेडिकल ब्यौरा मांगा गया है।
जांच में जिसकी भी लापरवाही सामनेे आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सारे कागजात मिलने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों से पूछताछ होगी। इसके लिए दो टीमेें गठित की गई हैं।
वहीं, अस्पताल को सील करने और डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवारवाले अब भी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हैं। दूसरी तरफ, पीतमपुरा के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है।
यह है मामला
पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर परिवारवालों को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। बच्चे के चाचा दीपक ने कहा कि जब तक अस्पताल व डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वह धरने पर बैठे रहेंगे।
गत बृहस्पतिवार को शालीमार बाग अस्पताल में भर्ती वर्षा ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। दोनों समय से पूर्व पैदा हुए थे। डॉक्टरों ने बच्ची को तुरंत मृत घोषित कर दिया, जबकि लड़के की हालत गंभीर बताकर उसके इलाज में 45 लाख का खर्च आने की बात कही।
परिवारवालों ने दूसरे अस्पताल में जाने की बात कही तो लड़के को भी मृत बताकर दोनों शवों को पैक कर परिवार के हवाले कर दिया। श्मशान जाने के दौरान एक पैकेट में हलचल हुई। देखने पर पता चला कि लड़का सांस ले रहा है। परिवारवालों ने उसे तुरंत पीतमपुरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया।