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Delhi Police: पुलिस की तत्परता से फंदे से लटके शख्स की बची जान, डिप्टी कमिश्नर ने की इनाम की घोषणा
Fri, 01 Jul 2022 04:42 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 01 Jul 2022 04:42 AM IST
सार
जहांगीरपुरी में कर्ज न चुका पाने से तनाव में आकर एक दुकानदार ने खुद को बेडरूम में बंद कर फांसी का फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और उसे फंदे से उतारकर सीपीआर दिया। समय से अस्पताल पुहंचाने से दुकानदार की जान बच गई। परिवार वालों ने पुलिसकर्मियों के काम की सराहना की। पुलिस की तत्परता की तारीफ करते हुए दिल्ली पुलिस उपायुक्त ने इनाम देने की घोषणा की है।
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दुकानदार की जान बचाने वाले पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस की तत्परता से फंदे से लटके शख्स की जान बच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने अचेतावस्था में उसे फंदे से नीचे उतारा और कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन (सीपीआर) दी। काफी मशक्कत के बाद उसकी चेतना लौटी। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। पुलिस की तत्परता की तारीफ करते हुए दिल्ली पुलिस उपायुक्त ने इनाम देने की घोषणा की है। मामला जहांगीरपुरी इलाके का है। सुबोध बंसल (40) डी-ब्लॉक, जहांगीपुरी में रहते हैं और भलस्वा डेयरी इलाके में जनरल स्टोर चलाते हैं।
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परिजनों का कहना है कि सुबोध पर काफी कर्ज था। इसकी वजह से बीते कुछ दिनों से वह तनाव में थे। इसका असर परिवार पर भी पड़ रहा था। बुधवार देर रात भी परिवार में कहासुनी हुई। गुस्साए सुबोध ने खुद को बेडरूम में बंद कर लिया। थोड़ी देर तक अंदर हलचल न होने पर पत्नी ने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर उसने खिड़की से अंदर झांका।
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पंखे में लटकी रस्सी और उसके फंदे में पति को गला फंसाते देख वह चीख पड़ी। उसने तुरंत 112 नंबर पर कॉल किया। जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि बुधवार देर रात 2.30 बजे पुलिस को एक व्यक्ति के खुदकुशी करने के लिए फंदे से लटकने की सूचना मिली। जहांगीरपुरी थाने में तैनात एएसआई दिनेश और हवलदार विजय उस समय इलाके में ही गश्त पर निकले थे। वह तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए कमरे का दरवाजा तोड़ा और सुबोध को फंदे से नीचे उतारा। वह अचेत हो चुका था। पुलिसकर्मियों ने तुरंत सीपीआर देकर उसे स्थिर किया और उसे इलाज के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया।
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क्या है सीपीआर
सीपीआर धड़कन और सांस रुक जाने पर इस्तेमाल की जाने वाली एक प्रक्रिया है। अचेतावस्था में चले गए व्यक्ति को सांस दी जाती है। इससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है। वहीं, सीने पर दबाव डाला जाता है। इससे शरीर में पहले से मौजूद आक्सीजन वाला रक्त बहने लगता है।