प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस का खुला पत्र: जनता के लिए लिखा- आपकी आवाज आपका हक है, आपकी सुरक्षा हमारा फर्ज
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले जनता से अपील की। पुलिस ने खुले पत्र में कहा कि वर्दी के पीछे भी इंसान हैं। सीजेपी को देर से आवेदन के कारण प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है।
विस्तार
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग संबंधी प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जनता से अनोखे अंदाज में अपील की है। दिल्ली पुलिस ने एक खुला पत्र जारी किया है, जिसमें लिखा है कि यूनिफॉर्म (वर्दी) के पीछे भी एक इंसान है, जिसका अपना परिवार है।
दिल्ली पुलिस ने पत्र में लिखा, 'प्रिय नागरिकों, आपकी आवाज आपका हक है और आपकी सुरक्षा हमारा फर्ज है। यूनिफॉर्म (वर्दी) के पीछे भी एक इंसान है, जिसका अपना परिवार है, अपने लोग हैं। फर्क सिर्फ यूनिफॉर्म है, इंसानियत का नहीं। विद केयर, दिल्ली पुलिस।'
An Open Letter to Every Citizen ❤️ Because beyond every uniform, every opinion and every disagreement, we’re all human first. @LtGovDelhi #WorldPostDay #DPUpdates https://t.co/3C3UGdm6pF
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 9, 2026
सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने इस प्रदर्शन के लिए एक आवेदन दिया था। इस सूचना पर विचार किया गया, जिसमें पाया गया कि यह बहुत कम समय पहले दी गई थी। निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य होता है।
प्रशासन ने यह भी बताया कि पूर्व में भी कॉकरोच जनता पार्टी को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। उस अवसर पर उन्होंने कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था। पार्टी ने उस समय दिए गए अपने वचनों का भी उल्लंघन किया था। इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए इस बार अनुमति नहीं दी गई। मौजूदा कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात नियमन बनाए रखना आवश्यक है।
धारा 163 के तहत होगी कार्रवाई
नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएनएस) की धारा 163 लागू है। इस धारा के तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उचित निवारक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यह प्रतिबंध नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति धारा 163 के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।