Delhi Election: फर्जी वोटर कार्ड मामले में पुलिस ने दर्ज की FIR, चुनाव आयोग ने लिखी थी चिट्ठी
दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग की चिट्ठी पर एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया कि शाहीन बाग पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
विस्तार
Delhi Police registers a case against fraud in voter ID card registration
Shaheen Bagh PS has registered a case u/s BNS 336 - forgery for the purpose of cheating and 340 BNS - using forged documents as genuine; following a complaint received from the Electoral Registration…— ANI (@ANI) December 26, 2024विज्ञापन
आगे कहा कि शिकायत में मतदाता पहचान पत्र आवेदनों में जालसाजी के गंभीर मामलों को उजागर किया गया है, जहां नए मतदाता पंजीकरण और पते को स्थानांतरित करने के उद्देश्य से चार व्यक्तियों द्वारा नकली दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। आरोपी व्यक्तियों और इन धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल किसी भी संभावित सहयोगी या नेटवर्क की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
चुनाव आयोग से भाजपा ने की थी शिकायत
दिल्ली भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को मतदाता सूची में गड़बड़ी के संबंध में लगभग 5000 पन्नों का प्रमाण सौंपा। इसके अलावा फर्जी वोटरों के मामले में ही केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के नेतृत्व में बंगाल भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल भी सीईसी से मिला। उन्होंने मीडिया को बताया कि पश्चिम बंगाल में 17 लाख फर्जी मतदाता हैं।
मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा, "पश्चिम बंगाल में 17 लाख फर्जी मतदाता हैं, जिसमें से 34,000 मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर नकली हैं। 16 लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम, पता और परिवार के सदस्यों के नाम सभी वोटर कार्ड में एक जैसे हैं लेकिन ईपीआईसी नंबर अलग-अलग हैं। हमने इसके बारे में चुनाव आयोग को जानकारी दे दी है। इसके साथ ही हमने उनसे अनुरोध किया कि फर्जी नामों को मतदाता सूची से हटा दिया जाए।"
जेल भेजे जाएंगे फर्जी वोट डालने वाले- भाजपा
भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इस बार जो लोग भी दिल्ली के मतदाता न होकर भी फर्जी तरीके से वोट डालते हुए पकड़े जाएंगे उन्हें जेल जाना होगा। भारतीय न्याय संहिता में फर्जी मतदान करने का आरोप सिद्ध होने पर एक साल तक की कठोर सजा हो सकती है। भाजपा ने दावा किया है कि इस बार फर्जी वोट डालने की कोशिश करना भारी पड़ सकता है। ऐसे में फर्जी वोट डालने वालों को ऐसा काम करने से दूर रहना चाहिए।
केवल छः नामों पर कर सकते हैं विरोध, सूची प्रकाशित करना अनिवार्य
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए फॉर्म सात पर नाम भरकर देना होता है। एक फॉर्म पर एक व्यक्ति छः से अधिक नामों पर सवाल नहीं खड़े कर सकता है। जिन नामों को काटने का सुझाव दिया जाता है, उनकी सूची प्रकाशित करना अनिवार्य है। ऐसे मतदाताओं को अपना वाजिब पहचान पत्र दिखाकर अपना नाम काटने का विरोध करने का भी अधिकार होता है। इसके लिए इन मतदाताओं को पर्याप्त समय भी दिया जाता है। लेकिन अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी या उनके समर्थक कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की बजाय उल्टी-सीधी बातें कर जनता को बरगला रहे हैं।