'फ्लाइट में बम है': पत्नी का भाई न आ सके मिलने, कोलकाता से IGI एयरपोर्ट भेजा झूठा मेल; बांग्लादेशी गिरफ्तार
पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने झूठी जानकारी देने के लिए एक नई ईमेल आईडी बनाई थी। जिस वाई-फाई का इस्तेमाल इस मेल को भेजने के लिए इस्तेमाल हुआ था वो कोलकाता के एक होटल का पाया गया।
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आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ई-मेल भेजकर दिल्ली से कोलकाता जाने वाले विमान में बम की झूठी सूचना देने वाले एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद नजरुल इस्लाम के रूप में हुई है। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे कोलकाता स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुलासा किया है कि अपने साले से मिलना नहीं चाहता था और उसे कोलकाता आने से रोकने के लिए वारदात को अंजाम दिया।
ईमेल आईडी की जांच में पता चला कि आरोपी ने ईमेल भेजने से कुछ देर पहले आईडी बनाई थी। साथ ही पता चला कि इसे बनाने में कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित क्लासिक होटल के वाई-फाई का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस की एक टीम तुरंत कोलकाता के इस होटल में पहुंची। जहां पता चला कि होटल में 40 मेहमान ठहरे हुए हैं और सभी वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ठहरे हुए करीब सभी मेहमान बांग्लादेशी नागरिक हैं।
पुलिस ने इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाली कंपनी से राउटर से इंटरनेट उपयोग डेटा का विवरण मांगा, लेकिन कंपनी ने इसे देने में असमर्थता जताई। पुलिस ने वहां ठहरे 40 मेहमानों की जांच शुरू की। मेहमानों के सत्यापन के दौरान पता चला कि अमरदीप कुमार नाम का एक व्यक्ति उसी उड़ान से होटल में ठहरे अपने एक रिश्तेदार से मिलने आया हुआ है। जिसमें बम होने की झूठी सूचना दी गई थी। पूछताछ में अमरदीप ने बताया कि वह इस होटल में ठहरे जीजा मोहम्मद नजरुल इस्लाम से मिलने आया था, जो करीब एक महीने से यहां रह रहे थे। पुलिस ने उसके जीजा के मोबाइल की जांच की, जिसमें पता चला कि उसने अपने फोन से पूरी हिस्ट्री डिलीट कर दी है।
दिल्ली पुलिस ने कोलकाता के साइबर पुलिस की मदद से मोहम्मद नजरुल इस्लाम के फोन की तकनीकी जांच की। साक्ष्यों को हटाने के बावजूद पुलिस ने उस साक्ष्य को हासिल कर ली, जिससे पता चला कि आरोपी के मोबाइल से ही ई-मेल भेजा गया था। उसके बाद पुलिस ने मोहम्मद नजरुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिससे उसने ईमेल भेजा था।
पूछताछ के दौरान आरोपी 29 साल के मोहम्मद नजरुल इस्लाम ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह बांग्लादेशी नागरिक है। 2017 में उसने पंजाब के लवली विश्वविद्यालय से एयरलाइंस, पर्यटन और आतिथ्य का कोर्स किया था। यहां उसकी मुलाकात सोनिया नाम की एक ईसाई युवती से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। कोर्स पूरा होने के बाद वह अपने देश चला गया। 2020 में सोशल मीडिया के माध्यम से वह एक बार फिर सोनिया के संपर्क में आया। उसने उसे झूठ बताया कि वह अमेरिका से पीएचडी कर रहा है और उसे अमेरिका का वीजा मिल गया है। सोनिया उसकी झूठी बातों में आ गई और दोनों ने अप्रैल 2023 में उससे शादी कर ली।
शादी के बाद पत्नी को उस पर शक हुआ और वह उसे अपने साथ अमेरिका ले जाने की जिद करने लगी। उसने पत्नी को बताया कि किसान आंदोलन की वजह से वह कोलकाता में फंसा हुआ है। वह बहाना बनाकर पत्नी की बातों को टाल रहा था। पति के कोलकाता में मौजूदगी का पता लगाने के लिए महिला ने अपने भाई अमरदीप को कोलकाता भेजने का फैसला किया। आरोपी अमरदीप से मिलना नहीं चाहता था इसलिए उसके आने वाले उड़ान को रद्द करने के लिए यह फर्जी ई-मेल भेजा। पूछताछ में उसने बांग्लादेश में कई लोगों से 50 लाख टका का ऋण ले रखा है। ऋणदाताओं से बचने के लिए भारत में रह रहा था।