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Delhi: ई-मेल भेजकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 50 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार, नाइजीरियाई गिरफ्तार
Thu, 25 Aug 2022 12:37 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 25 Aug 2022 12:37 PM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने ई-मेल भेजकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। परिचित के नाम से एमरजेंसी का मेल भेजकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। दक्षिण जिला पुलिस ने ठगी करने वाले एक नाइजीरियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी 50 से ज्यादा लोगों के साथ कर ठगी चुके हैं।
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नाइजीरियाई गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने ठगी करने वाले अतंरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर नाइजीरियन व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। साथ ही एक भारतीय महिला को बाउन-डाउन किया गया है। आरोपी परिचित के नाम पर मेल भेजकर पैसे की बहुत जरूरत बताकर ठगी करते थे। गिरोह के सदस्य जनवरी से लेकर अभी तक करीब 50 से ज्यादा भारतीय लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। पुलिस एक नाइजीरियन व्यक्तिकी तलाश कर रही है।
दक्षिण पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार मालवीय नगर निवासी राजीव शर्मा ने साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा को शिकायत दी थी कि उसे एक दोस्त की ई-मेल आईडी से मेल आया। मेल में दोस्त ने पैसे की बहुत ज्यादा जरूरत बताई। उसने मेल में दिए गए बैंक खाते में 28500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसने दोस्त को फोन किया तो उसने किसी तरह का मेल भेजकर पैसे मांगने की बात से इंकार किया।
राजीव शर्मा की शिकायत पर मामला दर्जकर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा की देखरेख में एसआई सुनील यादव, एसआई विकास सांगवान व हवलदार राजेश की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने उस बैंक खाते की डिटेल खंगाली, जिसमें पीड़ित से पैसा ट्रांसफर करवाया गया था। पता लगा कि बैंक खाता बेरसराय निवासी महिला प्रतिमा का है। पुलिस ने प्रतिमा को बाउन-डाउन कर दिया।
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महिला ने पूछताछ में बताया कि उससे उसका बैंक खाता लंदन के रहने एक डॉक्टर ने कुछ दिनों के उधार मांगा था। डॉक्टर ने कहा था कि वह लंदन से भारत आया हुआ है। उसे कुछ पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर करने हैं, मगर उसका बैंक खाता भारत में काम नहीं कर रहा है। एसआई सुनील यादव की टीम ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर आरोपी नाइजीरियन गोडविन यूडोरजी ओनुराह(47) को 22 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच सिमकार्ड, चार स्टोरेज डिवाइस और 94 हजार रुपये बरामद किए है। गोडविन ही लंदन का डॉक्टर बना था और उसने ठगी की रकम को मंगवाने के लिए प्रतिमा से उसका बैंक खाता व एटीएम उधार लिया था।
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दक्षिण पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार मालवीय नगर निवासी राजीव शर्मा ने साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा को शिकायत दी थी कि उसे एक दोस्त की ई-मेल आईडी से मेल आया। मेल में दोस्त ने पैसे की बहुत ज्यादा जरूरत बताई। उसने मेल में दिए गए बैंक खाते में 28500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसने दोस्त को फोन किया तो उसने किसी तरह का मेल भेजकर पैसे मांगने की बात से इंकार किया।
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राजीव शर्मा की शिकायत पर मामला दर्जकर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा की देखरेख में एसआई सुनील यादव, एसआई विकास सांगवान व हवलदार राजेश की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने उस बैंक खाते की डिटेल खंगाली, जिसमें पीड़ित से पैसा ट्रांसफर करवाया गया था। पता लगा कि बैंक खाता बेरसराय निवासी महिला प्रतिमा का है। पुलिस ने प्रतिमा को बाउन-डाउन कर दिया।
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महिला ने पूछताछ में बताया कि उससे उसका बैंक खाता लंदन के रहने एक डॉक्टर ने कुछ दिनों के उधार मांगा था। डॉक्टर ने कहा था कि वह लंदन से भारत आया हुआ है। उसे कुछ पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर करने हैं, मगर उसका बैंक खाता भारत में काम नहीं कर रहा है। एसआई सुनील यादव की टीम ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर आरोपी नाइजीरियन गोडविन यूडोरजी ओनुराह(47) को 22 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच सिमकार्ड, चार स्टोरेज डिवाइस और 94 हजार रुपये बरामद किए है। गोडविन ही लंदन का डॉक्टर बना था और उसने ठगी की रकम को मंगवाने के लिए प्रतिमा से उसका बैंक खाता व एटीएम उधार लिया था।
आरोपी ऐसे करते थे ठगी
आरोपी गोडविन यूडोरजी ओनुराह ने पूछताछ में बताया कि वह काफी समय से भारत में रह रहा है। आरोपी अपने साथी के साथ ठगी करता था। ये फर्जी आईडी से फेसबुक प्रोफाइल बनाते थे और फिर लोगों को फ्रेंड रिक्येस्ट(दोस्ती करने का अनुरोध) भेजते थे। जब कोई इनके अनुरोध को स्वीकार कर लेता था तो उसके फेसबुक प्रोफाइल में जाकर फ्रेंड लिस्ट देख लेते थे।
इसके बाद ये उसके मेल आईडी को हैककर उसके मेल से उसके दोस्तों को भेज भेजते थे और कहते थे कि एमरजेंसी में पैसे की जरूरत है। ये मेल भेजकर पैसे मांगते थे। आरोपी जालसाज मेल में बैंक खाता अपने देते थे। कई बार दोस्त पैसे ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद आरोपी पैसे निकाल लेते थे। आरोपी भारतीय महिलाओं को बहला-फुसलाकर या फिर गिफ्ट का लालच देकर उनका बैंक खाता व एटीएम कार्ड कुछ समय के लिए ले लेते थे। इन्होंने इस समय प्रतिमा का नंबर लिया हुआ था।
इसके बाद ये उसके मेल आईडी को हैककर उसके मेल से उसके दोस्तों को भेज भेजते थे और कहते थे कि एमरजेंसी में पैसे की जरूरत है। ये मेल भेजकर पैसे मांगते थे। आरोपी जालसाज मेल में बैंक खाता अपने देते थे। कई बार दोस्त पैसे ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद आरोपी पैसे निकाल लेते थे। आरोपी भारतीय महिलाओं को बहला-फुसलाकर या फिर गिफ्ट का लालच देकर उनका बैंक खाता व एटीएम कार्ड कुछ समय के लिए ले लेते थे। इन्होंने इस समय प्रतिमा का नंबर लिया हुआ था।