दिल्ली पुलिस ने अगवा कारोबारी को छुड़ाया, मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश घायल
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रोहिणी जिले के अलीपुर इलाके में मंगलवार देर रात पुलिस ने बदमाशों से मुठभेड़ के बाद अगवा कारोबारी को मुक्त कराया है। पुलिस की कार्रवाई में गोली लगने से एक बदमाश जख्मी हो गया। मौके से पुलिस ने दो बदमाशों को काबू किया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव असगरपुर, सेक्टर-128, नोएडा निवासी आर्यन उर्फ विवेक (24) व आशीष चौहान (24) के रूप में हुई है। इनके तीन साथी फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए हैं। उधर, गोली लगने से घायल विवेक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त ऋषिपाल ने बताया कि पीड़ित कारोबारी यशीष अरोड़ा (23) पीतमपुरा में रहता है। परिवार में पिता योगेश अरोड़ा व अन्य सदस्य हैं। यशीष की कुंडली (सोनीपत) में डाई बनाने की फैक्टरी है। मंगलवार देर रात को यशीष आई-10 कार से घर लौट रहा था।
इस बीच जैसे ही यशीष ने सिंधु बॉर्डर पार किया, तो एक स्विफ्ट कार सवार पांच बदमाशों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। करीब तीन किमी पीछा करने के बाद बदमाशों ने जीटी करनाल रोड पर उसकी कार को साइड मार दी। यशीष ने कार रोकी और बदमाशों से बातचीत करने लगा।
इसी दौरान तीन बदमाश स्विफ्ट से उतरकर जबरन उसकी कार में सवार हो गए। बदमाशों ने यशीष को बंधक बना लिया। एक बदमाश उसकी कार चलाने लगा।
पिता को फोन पर दी थी किडनैपिंग की जानकारी
इधर, जिस समय सारा वाकया हुआ, उस समय यशीष फोन पर ब्लूटूथ लगाकर अपनी दोस्त से बातचीत कर रहा था। संदिग्ध लगने पर यशीष की दोस्त ने उसके पिता को कॉल कर सूचना दी। परिवार ने पुलिस को कॉल की। बदमाश यशीष की कार को लेकर बख्तावरपुर की ओर बढ़ने लगा।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि यशीष की कार में जीपीएस लगा हुआ है। टेेक्निकल सर्विलांस व जीपीएस की लोकेशन के आधार पर 50 मिनट के भीतर कार को ढूंढ निकाला गया।
दरअसल, यशीष की कार पंचर हो गई थी। बदमाशों ने यशीष के हाथ-बांधकर उसे कार की डिक्की में डाल दिया था। बदमाश कार का टायर बदलने के चक्कर में थे। परिजनों ने यशीष की कार पहचानकर पुलिस को सूचित किया। इधर, बदमाशों ने पुलिस के ललकारने पर गोली चला दी।
इंस्पेक्टर सतीश कुमार, एसआई जयवीर सिंह व अन्य की टीम ने भी दो फायर किए। एक बदमाश के पैर में गोली लगी, बाकी बदमाश फरार हो गए। विवेक व आशीष को काबू कर लिया गया। बदमाशों ने बताया कि उनके तीन साथी स्विफ्ट कार से फरार हो गए।
पांच करोड़ की मांगनी थी फिरौती
आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अच्छी तरह जानते थे कि कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की ओर से जो भी कार में आएगा, वह कारोबारी ही होगा। ऐसे में वे सिंधु बॉर्डर के पास खड़े हो गए। यशीष को आते देखकर उसे अगवा कर लिया। चार से पांच करोड़ रुपये फिरौती मांगने की साजिश रची थी।
जिस आई-10 कार में यशीष फैक्टरी से लौट रहा था, उस कार में जीपीएस था। इधर, बदमाशों ने जब यशीष को अगवा किया, उस समय वह अपनी दोस्त से बात कर रहा था। वारदात के दौरान फोन कटा नहीं। बदमाशों व यशीष के बीच हो रही सारी बात उसकी दोस्त सुनती रही। फौरन उसने यशीष के पिता योगेश अरोड़ा को सूचना दी। योगेश ने अपने साले को सारी बात बताई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
जीपीएस के जरिये कार का रूट चेक किया गया, तो पता चला कि कार जीटी करनाल रोड से बख्तावरपुर की ओर जा रही है। पुलिस ने उसकी जीपीएस लोकेशन से कार का पीछा किया और ढूंढ निकाला।