सुनंदा पुष्कर मौत मामला- दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर को बनाया आरोपी, 24 मई को होगी सुनवाई
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दिल्ली पुलिस ने आखिर चार वर्ष की लंबी जांच के बाद मान लिया कि सुनंदा पुष्कर की आत्महत्या में उनके पति पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरुर का हाथ था। पुलिस ने सोमवार को शशि थरूर के खिलाफ सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने व प्रताडना के आरोप में आरोपपत्र दायर कर दिया। सुनंदा पुष्कर ने 17 जनवरी 2014 में होटल में आत्महत्या कर ली थी।
पटियाला हाउस स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह के समक्ष दायर आरोपपत्र में एकमात्र थरूर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आरोपपत्र व उससे जुड़े करीब तीन हजार पृष्ठों अदालत के समक्ष पेश किए है। अदालत ने आरोपपत्र पर सुनवाई 24 मई तय की है। पुलिस ने सुंनदा की मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट व एक्सपर्ट की राय आधार पर आरोप पत्र दायर किया है।
17 जनवरी 2014 की रात को सुनंदा होटल लीला प्लेस के सुइट में संदिग्ध हालत में मृत पाई गई थी। पुलिस ने एक जनवरी 2015 को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था। अब पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में आरोप पत्र दायर किया है। यानि फिलहाल थरूर को राहत ही माना जा रहा है।
22 अगस्त 2010 को थरुर व सुनंदा का विवाह हुआ था। तय कानून के तहत विवाह से सात वर्ष के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के कारण धारा 498ए भी जोड़ी गई है यानि वैवाहिक जीवन मे प्रताडना (क्रूर बर्ताव करना) का आरोप लगाया गया है।
थरुर लोकसभा में केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व करते हैं। पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली होटल के सुइट में मृत पाई गई थी और पुलिस ने सभी से कमरें को सील कर दिया था और हालही में अदालत के निर्देश पर रूम को होलट प्रबंधन के हवाले किया गया है।
अप्रैल माह जांच के लिए गठिति विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूरी तरह से पेशेवर और वैज्ञानिक जांच करने के बाद आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत रिपोर्ट तैयार की थी।
शशि थरूर का ट्वीट
4 साल से ज्यादा चली जांच के बाद ये निष्कर्ष निकलता है, यह दिल्ली पुलिस के तरीकों या उसकी मंशा पर सवाल खड़े करता है। गत 17 अक्टूबर को पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में बयान दिया कि उन्हें किसी के खिलाफ कुछ भी नहीं मिला है और अब 6 महीने में वे कहते हैं कि मैंने खुदकुशी के लिए उकसाया। अविश्वसनीय!
सभी दस्तावेजों को नष्ट किया-स्वामी